छत्तीसगढ़

प्रधानमंत्री आवास योजना ने बदली मरवाही के भर्रीडांड़ निवासी मंगसा दास की जिंदगी, वर्षों की परेशानी के बाद मिला अपना पक्का आशियाना

Pradhan Mantri Awas Yojana transformed the life of Mangsa Das, a resident of Bharridand in Marwahi; after years of hardship, he finally secured a permanent home.

खपरैल की टपकती छत और मिट्टी की उखड़ती दीवारों से मिली मुक्ति, बेटे-बहू के साथ पक्के घर में सुकून से गुजर रही जिंदगी

रायपुर । प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के हर जरूरतमंद परिवार को पक्का आवास उपलब्ध कराने के संकल्प ने गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही जिले के एक बुजुर्ग की जिंदगी में खुशियों की नई रोशनी बिखेरी है। मरवाही विकासखंड के ग्राम भर्रीडांड़ निवासी 80 वर्षीय श्री मंगसा दास ने जीवन का लंबा समय मिट्टी की दीवारों और खपरैल की छत वाले कच्चे मकान में गुजारा। उम्र के इस पड़ाव पर प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पक्का घर मिलने के बाद अब वे अपने बेटे-बहू के साथ सुरक्षित और सुकून भरा जीवन बिता रहे हैं।

अपने नए घर की बात करते हुए मंगसा दास के चेहरे पर संतोष और खुशी साफ दिखाई देती है। वे बताते हैं कि पहले उनका परिवार कच्चे मकान में रहता था। सामान्य दिनों में तो किसी तरह गुजारा हो जाता था, लेकिन बारिश का मौसम आते ही मुश्किलें बढ़ जाती थीं। तेज बारिश में खपरैल की छत से पानी टपकता था। कई बार मिट्टी की दीवार का हिस्सा उखड़ जाता था और घर में रखा जरूरी सामान भी पानी से भीग जाता था।

बारिश की आहट के साथ बढ़ जाती थी चिंता

मंगसा दास ने कई बार अपने कच्चे मकान की मरम्मत भी कराई, लेकिन परेशानी का स्थायी समाधान नहीं हो सका। हर साल बारिश से पहले घर को ठीक करने की चिंता रहती थी। तेज बरसात में छत से टपकते पानी और कमजोर होती मिट्टी की दीवारों के बीच परिवार को सामान सुरक्षित रखने के लिए भी मशक्कत करनी पड़ती थी। बढ़ती उम्र के साथ मकान की बार-बार मरम्मत कराना उनके लिए और कठिन होता चला गया।

प्रधानमंत्री आवास योजना बनी नई उम्मीद

मंगसा दास को जब प्रधानमंत्री आवास योजना के बारे में जानकारी मिली तो उन्होंने संबंधित अधिकारियों से संपर्क किया। योजना की सूची में नाम आने के बाद उनके वर्षों पुराने पक्के घर के सपने को पूरा करने का रास्ता खुल गया। उन्होंने पुराने कच्चे मकान को हटवाकर पक्के आवास का निर्माण कराया।

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की पहल पर गरीब और जरूरतमंद परिवारों को पक्का आवास उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित प्रधानमंत्री आवास योजना आज मंगसा दास जैसे ग्रामीण परिवारों के जीवन में सुरक्षा और सम्मान का आधार बन रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में भी पात्र परिवारों तक आवास योजना का लाभ पहुंचाने के प्रयास किए जा रहे हैं।

अब बारिश आती है तो डर नहीं लगता

पक्का घर बन जाने के बाद मंगसा दास के जीवन की सबसे बड़ी चिंताओं में से एक दूर हो गई है। अब बारिश होने पर न खपरैल से पानी टपकने का डर है, न मिट्टी की दीवार खराब होने की चिंता। घर का सामान सुरक्षित रहता है और परिवार को मौसम की मार से बचाने के लिए मजबूत छत मिल गई है। मंगसा दास के लिए यह पक्का आवास केवल ईंट, सीमेंट और छत से बना मकान नहीं है। यह उम्र के अंतिम पड़ाव में सुरक्षा, सम्मान और सुकून से जीवन जीने का भरोसा है।

मंगसा दास पक्का आवास मिलने से बेहद खुश हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय उनके बुढ़ापे का सहारा बने हैं। पक्का मकान मिलने से उनकी वर्षों पुरानी परेशानी समाप्त हो गई है। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार की योजना से उन्हें जीवन के इस पड़ाव पर सुरक्षित घर मिला है।

पक्का घर बना सम्मान और सुरक्षित भविष्य का आधार

प्रधानमंत्री आवास योजना का उद्देश्य जरूरतमंद परिवारों को केवल छत उपलब्ध कराना ही नहीं, बल्कि उन्हें सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन का आधार देना भी है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के संकल्प और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में योजना का लाभ ग्रामीण अंचलों के जरूरतमंद परिवारों तक पहुंच रहा है।

80 वर्षीय मंगसा दास की कहानी इसी बदलाव की एक भावनात्मक तस्वीर प्रस्तुत करती है। कभी बारिश की बूंदें उनके लिए चिंता का संदेश लेकर आती थीं। खपरैल से टपकते पानी के बीच घर का सामान बचाना और मिट्टी की दीवारों को संभालना उनकी मजबूरी थी। आज वही बुजुर्ग अपने बेटे-बहू के साथ मजबूत छत के नीचे सुकून से जीवन बिता रहे हैं।

मंगसा दास के चेहरे की मुस्कान इस बदलाव को बयां करती है। पक्का घर केवल चार दीवारें और एक छत नहीं, बल्कि बुढ़ापे में सुरक्षा, सम्मान और निश्चिंत जीवन का भरोसा है। अब बारिश की बूंदें उनके लिए परेशानी नहीं, बल्कि अपने पक्के आशियाने में बैठकर सुकून से देखने वाला मौसम बन गई है।

Related Articles

Back to top button