छत्तीसगढ़
नवा रायपुर में वीवीआईपी सुरक्षा वाली DG–IG कॉन्फ्रेंस के लिए 2000 से अधिक जवान तैनात
Over 2,000 personnel deployed for VVIP security of DG-IG conference in Nava Raipur

पीएम, HM और NSA की आवाजाही को देखते हुए बहुस्तरीय सुरक्षा घेरा सक्रिय
एडीजीपी दिपांशु काबरा के नेतृत्व में 38 वरिष्ठ IPS–SPS अधिकारी मोर्चे पर
एसपीजी और आईबी ने तैयार किए उच्चस्तरीय एकीकृत काउंटर–मेज़र प्रोटोकॉल
रायपुर : राजधानी के नवा रायपुर, अटल नगर में 28 से 30 नवम्बर तक होने जा रहे डीजी–आईजी सम्मेलन को लेकर सुरक्षा तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा चुका है। भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) परिसर में आयोजित होने वाले इस अखिल भारतीय सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल की उपस्थिति के चलते पूरे क्षेत्र में अभूतपूर्व सुरक्षा इंतज़ाम किए गए हैं। यह पहला अवसर है जब छत्तीसगढ़ इस राष्ट्रीय पुलिस नेतृत्व बैठक की मेजबानी कर रहा है, और इसी कारण नवा रायपुर को उच्चतम सुरक्षा मानकों के अनुरूप तैयार किया गया है।
सुरक्षा व्यवस्था का ढांचा बहुस्तरीय है, जिसमें जमीनी तैनाती, आकाशीय निगरानी और रियल–टाइम रूट ऑब्जर्वेशन को एकीकृत किया गया है। तीन दिनों तक चलने वाले इस आयोजन के लिए 2000 से अधिक पुलिसकर्मी और स्पेशल यूनिट्स को लगाया गया है। इनमें 38 वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं, जो आईपीएस और एसपीएस श्रेणी के हैं और विभिन्न सेक्टरों में तैनाती, मार्ग नियंत्रण तथा वीवीआईपी मूवमेंट की निगरानी की कमान संभाल रहे हैं। इनके साथ रायपुर एवं नवा रायपुर के विभिन्न थानों के एसएचओ और प्रशिक्षित कॉन्स्टेबल बल भी तैनात हैं।
पूरे अभियान की कमान एडीजीपी प्रशिक्षण दिपांशु काबरा के हाथ में है। उनके साथ रायपुर रेंज के आईजी अमरेश मिश्रा, पुलिस अकादमी निदेशक आईजी अजय यादव और डीआईजी प्रशांत अग्रवाल, डीआईजी अमित तुकाराम कंबले तथा डीआईजी डॉ. संतोष कुमार सिंह जैसी वरिष्ठ टीम लगी हुई है। सात एसएसपी–एसपी स्तर के अधिकारी और 25 एसपीएस अधिकारी (एएसपी से डीएसपी रैंक तक) सेक्टर–बेस्ड जिम्मेदारियों पर तैनात हैं, जिनमें रूट ऑडिट, तैनाती सत्यापन, रिस्पॉन्स–टीम की तत्परता और सम्मेलन के दौरान संभावित आपात स्थितियों का निपटारा शामिल है।
इसी क्रम में, रायपुर स्थित सी–4 सिविल लाइन्स में उच्चस्तरीय समन्वय बैठक आयोजित की गई, जिसमें एडीजीपी काबरा और एडीजीपी इंटेलिजेंस अमित कुमार ने सभी जिम्मेदार अधिकारियों को विस्तृत निर्देश दिए। बैठक में आगमन–प्रस्थान से लेकर सम्मेलन स्थल की सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन, वाहनों के मूवमेंट, कम्युनिकेशन प्रोटोकॉल और अनुशासन की पूरी रूपरेखा समझाई गई। वरिष्ठ अधिकारियों ने टीमों से सुझाव भी आमंत्रित किए ताकि फील्ड की वास्तविक परिस्थितियों के आधार पर व्यवस्था और अधिक मजबूत की जा सके।
उधर, यातायात व्यवस्था को सुचारु रखने के लिए डीआईजी प्रशांत अग्रवाल ने रायपुर और अन्य इकाइयों के जवानों को पृथक ब्रीफिंग दी। इसमें विशेष रूप से वीवीआईपी मार्गों को अवरोध–मुक्त रखने, किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत रिपोर्टिंग करने और ड्यूटी के दौरान साफ–सुथरा टर्न–आउट बनाए रखने के निर्देश दिए गए। वीआईपी मार्गों पर अवारा पशुओं को रोकने और मार्गों को निरंतर मॉनिटर करने का भी जिम्मा सौंपा गया।
सम्मेलन के दौरान नवा रायपुर में भारी वाहनों पर रोक
डीजी–आईजी सम्मेलन के दौरान वीवीआईपी मूवमेंट को निर्बाध रखने के लिए कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी रायपुर ने नवा रायपुर क्षेत्र में मध्यम और भारी वाणिज्यिक वाहनों की आवाजाही पर अस्थायी रोक लगाने का आदेश जारी किया है। यह प्रतिबंध माना एयरपोर्ट से स्पीकर हाउस और आईआईएम को जोड़ने वाले सभी प्रमुख मार्गों पर लागू रहेगा। मोटरयान नियम 1994 के नियम 215 के अन्तर्गत जारी आदेश में परिवहन विभाग, संभागीय कार्यालय, एसडीएम, पुलिस अधिकारियों और क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी को तत्काल अनुपालन की निर्देशिका भेजी गई है।



