छत्तीसगढ़

आयुष्मान भारत योजना पर निजी अस्पतालों की चिंताएं

Concerns of private hospitals regarding the Ayushman Bharat scheme

रायपुर। छत्तीसगढ़: IMA छत्तीसगढ़, IMA रायपुर, हॉस्पिटल बोर्ड छत्तीसगढ़ और हॉस्पिटल बोर्ड रायपुर ने आयुष्मान योजना से जुड़ी समस्याओं पर चिंता जताई।

प्रमुख समस्याएं

* अस्पतालों को भुगतान मिलने में 4–5 महीने की देरी।

* मरीजों का सत्यापन समय पर नहीं किया जाता।

* बार-बार निरीक्षण और शिकायतों पर एकतरफा कार्रवाई।

* कुछ लोगों द्वारा मीडिया के नाम पर दबाव बनाने की शिकायत।

* छोटे अस्पतालों से बड़े अस्पतालों जैसी स्टाफ व्यवस्था की अपेक्षा।

* उपचार पैकेजों की दरें बढ़ती लागत के अनुरूप नहीं हैं।पिछले ८ साल से आयुष्मान योजना मैं पैकेज की दरें एक सी हैं उसमे किसी भी तरह का पुनर्निर्धारण नहीं किया गया जबकि लागत लगातार महगाई के अनुसार बड़ती जा रही ऐसे मैं पुराने पैकेज दरों पर इलाज कराना असंभव हो गया है ।

* कई सामान्य उपचार पैकेज हटाए या सीमित किए गए हैं।

* गंभीर मरीजों का उपचार करने में अस्पतालों में भय बढ़ रहा है।

* पिछले एक महीने में आयुष्मान सेवाओं में 80–90% तक कमी की जानकारी।

प्रमुख मांगें

* दावों का भुगतान समयसीमा में किया जाए।

* मरीजों की सहमति और संतुष्टि का समय पर सत्यापन हो।

* शिकायतों की निष्पक्ष और समयबद्ध जांच हो।

* कार्रवाई से पहले अस्पताल का पक्ष सुना जाए।

* मीडिया दबाव और ब्लैकमेल की शिकायतों पर कार्रवाई हो।

* अस्पताल के आकार के अनुसार स्टाफ मानक तय किए जाएं।

* उपचार पैकेजों की दरों का पुनरीक्षण किया जाए।

* आवश्यक उपचार पैकेज बहाल किए जाएं।

* गंभीर मरीजों को उपचार से वंचित न किया जाए।

* सरकार निजी अस्पतालों के साथ तत्काल संवाद शुरू करे।

आयुष्मान योजना की सफलता के लिए मरीजों और स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं, दोनों के हितों की रक्षा आवश्यक है।

जारीकर्ता:

IMA छत्तीसगढ़

IMA रायपुर

हॉस्पिटल बोर्ड छत्तीसगढ़

हॉस्पिटल बोर्ड रायपुर

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