छत्तीसगढ़

सेवा की कहानी: कौशल प्रशिक्षण से आशा बनीं आत्मनिर्भर, तकनीशियन के पद पर मिल रहा 17 हजार रुपए मासिक वेतन

A Story of Service: Skill training empowers Asha to become self-reliant; she now earns a monthly salary of 17,000 rupees as a technician.

रायपुर । मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना युवाओं को हुनरमंद बनाकर रोजगार से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। इसी योजना से प्रशिक्षण प्राप्त कर खैरागढ़ की आशा वर्मा ने आत्मनिर्भरता की दिशा में कदम बढ़ाया है। डिजिटल मित्र का प्रशिक्षण पूरा करने के बाद उनका चयन गुजरात स्थित टाटा गोटियन कंपनी में तकनीशियन के पद पर हुआ है, जहां उन्हें प्रतिमाह 17 हजार रुपए वेतन मिल रहा है।
साधारण किसान परिवार से आने वाली आशा के लिए सीमित आर्थिक संसाधनों के बीच पढ़ाई पूरी करना और रोजगार हासिल करना चुनौती थी। उनके पिता ने हमेशा उन्हें शिक्षा प्राप्त करने और स्वावलंबी बनने के लिए प्रेरित किया। बी.ए. की पढ़ाई पूरी करने के बाद आशा अपने पैरों पर खड़े होकर परिवार का सहारा बनना चाहती थीं।

इसी उद्देश्य से उन्होंने पॉलिटेक्निक कॉलेज खैरागढ़ में जय रणछोड़ बाबा शिक्षण समिति दल्ली राजहरा के माध्यम से मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना के अंतर्गत संचालित डिजिटल मित्र पाठ्यक्रम में प्रवेश लिया। प्रशिक्षण के दौरान उन्होंने कंप्यूटर ऑपरेटिंग, कंप्यूटर हार्डवेयर और सिस्टम कॉन्फिगरेशन जैसे तकनीकी कार्यों का व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त किया।

प्रशिक्षण और मार्गदर्शन से आशा को रोजगार का अवसर मिला। आज नियमित आय से वे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनकर परिवार को सहयोग दे रही हैं। आशा ने इस उपलब्धि के लिए छत्तीसगढ़ सरकार और मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना के प्रति आभार व्यक्त किया है। इससे स्पष्ट है कि सही प्रशिक्षण और दृढ़ संकल्प से युवा अपने भविष्य को बेहतर बना सकते हैं। आशा ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में संचालित लोक कल्याणकारी योजनाओं के लिए उनका आभार माना।

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