गैर-संचारी रोगों की रोकथाम के लिए मैदानी अमले को मिला प्रशिक्षण
Field staff trained in the prevention of non-communicable diseases.

एनपी-एनसीडी के प्रभावी संचालन पर संभाग स्तर पर कार्यशालाएं; रायपुर, बस्तर के बाद बिलासपुर में भी प्रशिक्षण, पोर्टल से लेकर स्क्रीनिंग-फॉलोअप तक दी गई जानकारी
रायपुर । गैर-संचारी रोगों (NCD) की समय पर पहचान, जांच और उपचार व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने जिला और ब्लॉक स्तर के मैदानी अमले का प्रशिक्षण पूरा किया है। राष्ट्रीय गैर-संचारी रोग नियंत्रण कार्यक्रम (NP-NCD) के तहत रायपुर, बस्तर और बिलासपुर संभाग मुख्यालयों में संभाग स्तरीय कार्यशालाएं आयोजित की गईं। इनमें जिला नोडल अधिकारी, खंड चिकित्सा अधिकारी, जिला सलाहकार, एफएलओ, डीडीएम, बीपीएम और बीडीएम सहित संबंधित अधिकारियों-कर्मचारियों ने भाग लिया।
आयोजित प्रशिक्षण में डॉ. गायत्री बांधी, संयुक्त संचालक स्वास्थ्य सेवाएं, बिलासपुर तथा डॉ. शुभा घरेवाल, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी सहित राज्य स्तर के सलाहकारों के साथ विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और WJCF के प्रतिनिधियों ने एनपी-एनसीडी के विभिन्न घटकों की जानकारी दी। प्रतिभागियों को गैर-संचारी रोगों की स्क्रीनिंग, समय पर पहचान, रेफरल, उपचार एवं फॉलोअप से जुड़ी प्रक्रियाओं के साथ कार्यक्रम की निगरानी और रिपोर्टिंग के संबंध में प्रशिक्षण दिया गया।
NCD पोर्टल पर भी प्रशिक्षण
कार्यशाला में NCD पोर्टल के उपयोग का भी प्रशिक्षण दिया गया। अधिकारियों-कर्मचारियों को स्वास्थ्य संस्थानों से प्राप्त जानकारी को पोर्टल पर दर्ज करने, डेटा के व्यवस्थित संधारण और कार्यक्रम की प्रगति की निगरानी की प्रक्रिया समझाई गई।
NP-NCD के प्रभावी संचालन के लिए प्रशिक्षण श्रृंखला आयोजित की जा रही है। बिलासपुर संभाग में 23 सितंबर को प्रशिक्षण आयोजित किया गया। विभाग का फोकस जिला से लेकर ब्लॉक स्तर तक कार्यक्रम की प्रक्रियाओं को एकरूप और व्यवस्थित करते हुए NCD की स्क्रीनिंग व फॉलोअप व्यवस्था को मजबूत करने पर है।




