छत्तीसगढ़

भाजपा का लोकतंत्र बचाओ अभियान चोरी ऊपर से सीना जोरी है – कांग्रेस

The BJP’s ‘Save Democracy’ campaign is a classic case of ‘adding insult to injury’ (or ‘brazen defiance after committing a wrong’) — Congress

भाजपा का लोकतंत्र बचाओ अभियान ज्ञानेश कुमार को बचाने के लिए

रायपुर। भाजपा का लोकतंत्र बचाओ अभियान चोरी ऊपर से सीनाजोरी है। प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि जब वोट चोरी का षडयंत्र रंगे हाथों पकड़ा गया, तो भाजपा ज्ञानेश कुमार को बचाने के लिए मैदान में उतर आई। यह साबित करता है कि यह भाजपा का प्रायोजित वोटर डिलीट सिंडिकेट है। छत्तीसगढ़ में लोकतंत्र और बाबा साहब अंबेडकर के दिए संवैधानिक अधिकारों पर भाजपा सरकार ने डाका डालना शुरू कर दिया है। एसआईआर के नाम पर गरीब, किसान, मजदूर और आदिवासियों के नाम मतदाता सूची से षडयंत्रपूर्वक काटे गये। जब कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इस वोट चोरी का रंगे हाथों पर्दाफाश किया, तो बौखलाई भाजपा अपनी नाकामी छिपाने के लिए ज्ञानेश कुमार जी के बचाव में उतर आई है। भाजपा का यह बचाव ही साबित करता है कि दाल में कुछ काला नहीं, बल्कि पूरी दाल ही काली है।

 

प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि भाजपा द्वारा वोट चोरी के समर्थन में लोकतंत्र बचाओ रैली वोट चोरी और ज्ञानेश कुमार को बचाने के लिए है। देश के मतदाता अपने मतदान के अधिकार की चोरी के खिलाफ लामबंद है। युवा, छात्र, विपक्षी दल, आम आदमी सभी एसआईआर के माध्यम से वोट चोरी के खिलाफ एकजुटता से खड़े है। भाजपा और चुनाव आयोग के गठबंधन के खिलाफ पूरे देश में वातावरण इससे घबरा कर भाजपा लोकतंत्र बचाओ अभियान चला रही है। भाजपा देश के मतदाताओं और नागरिकों को भीड़ तंत्र बताने का दुस्साहस कर रही है। इसी भीड़ तंत्र से भारत का लोकतंत्र पुष्पित और पल्लवित है।

 

प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण का उपयोग सुधार के लिए नहीं, बल्कि राजनीतिक छांटने के लिए किया जा रहा है। बीएलओ स्तर पर दबाव बनाकर, बिना वैधानिक सत्यापन और बिना पूर्व सूचना के गरीब, मजदूर, आदिवासी एवं ग्रामीण मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से विलोपित किए जा रहे हैं। छत्तीसगढ़ का भूमिहीन मजदूर, आदिवासी और देहात का आम नागरिक, जो रोज़ी-रोटी के लिए पलायन करता है या दूरदराज में रहता है, उसके मौलिक संवैधानिक अधिकार, वोट देने के अधिकार पर सीधा डाका डाला जा रहा है। छत्तीसगढ़ में वोटर डिलीट सिंडिकेट का पर्दाफाश हो चुका गया है, आरोप निर्वाचन आयोग के त्रुटिपूर्ण प्रक्रिया से नाम काटने के षडयंत्र पर लग रहा है तो भाजपा क्यों सफाई दे रही है?

 

 

Related Articles

Back to top button