छत्तीसगढ़

वीबी- जीरामजी योजना से ‘मेरी बेटी–मेरा अभिमान’अंतर्गत धूमा में बना प्रथम बालिका शौचालय

First girls' toilet constructed in Dhuma under the ‘Meri Beti–Mera Abhiman’ (My Daughter–My Pride) initiative of the VB-Jiramji Scheme.

गांधी जयंती पर बेटियों को मिली स्वच्छता, स्वास्थ्य और सम्मान से जुड़ी नई सुविधा

प्रदेश के 6,671 ग्रामीण शासकीय विद्यालयों में बालिका शौचालय निर्माण का लक्ष्य

रायपुर। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती पर स्वच्छता और बेटियों के सम्मान का संदेश देते हुए धमतरी जिले के कुरूद विकासखंड की ग्राम पंचायत धूमा में  ‘मेरी बेटी–मेरा अभिमान’ अभियान के अंतर्गत प्रथम बालिका शौचालय का उद्घाटन किया गया। विकसित भारत–रोजगार और आजीविका गारंटी मिशन (ग्रामीण) वीबी-जी राम जी योजना के अंतर्गत निर्मित यह शौचालय राज्य में चल रहे ‘मेरी बेटी–मेरा अभिमान’ अभियान को जमीनी स्तर पर साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

गुलाबी रंग से सजे नव-निर्मित बालिका शौचालय के उद्घाटन के दौरान छोटी बच्चियों ने भी हाथों में इसी संदेश वाली तख्तियां लेकर स्वच्छता, सुरक्षा और बेटियों के सम्मान का संदेश दिया। ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों और बच्चों की भागीदारी ने गांधी जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को विशेष बना दिया।

6 अगस्त को शुरू हुआ था ‘मेरी बेटी–मेरा अभिमान’ अभियान
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने 6 अगस्त 2026 को वीबी-जी राम जी के अंतर्गत राज्यव्यापी ‘मेरी बेटी–मेरा अभिमान’ अभियान का शुभारंभ किया था। अभियान 15 अगस्त 2026 से 26 जनवरी 2027 तक संचालित किया जा रहा है। इसके अंतर्गत प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों के 6,671 शासकीय विद्यालयों में लगभग 286.85 करोड़ रुपए की लागत से बालिका शौचालयों के निर्माण का लक्ष्य रखा गया है। अभियान का उद्देश्य ग्रामीण विद्यालयों में पढ़ने वाली बालिकाओं को सुरक्षित और स्वच्छ शौचालय की सुविधा उपलब्ध कराने के साथ उनके स्वास्थ्य, स्वच्छता और गरिमा के अनुकूल वातावरण तैयार करना है।

निर्माण से उद्घाटन तक, धूमा में लगातार हुई निगरानी
धूमा का यह बालिका शौचालय एक दिन में तैयार हुई पहल नहीं है। विकसित भारत-जी राम जी के आयुक्त एवं प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के संचालक श्री तारन प्रकाश सिन्हा ने भी अपने कुरूद विकासखंड के भ्रमण के दौरान ग्राम पंचायत धूमा पहुंचकर बालिका शौचालय के निर्माण कार्य का मैदानी निरीक्षण किया था। उन्होंने निर्माण कार्य की प्रगति देखने के साथ कार्य में लगे श्रमिकों से मजदूरी भुगतान की जानकारी भी ली थी और अधिकारियों को समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए थे। करीब एक महीने बाद गांधी जयंती के अवसर पर इसका उद्घाटन अभियान के उद्देश्य को धरातल पर उतरते हुए दिखाता है।

‘मेरी बेटी–मेरा अभिमान’ अभियान के तहत शासन का मिशन है कि 26 जनवरी 2027 तक राज्य के हर स्कूल में बालिकाओं के लिए शौंचालय सुनिश्चित हो।

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