छत्तीसगढ़

आंगन मिलन से पोषण जागरूकता को मिला जनसहभागिता का आधार

'Angan Milan' provides a foundation of public participation for nutrition awareness.

सेवा संकल्प अभियान एवं राष्ट्रीय पोषण माह के तहत पौष्टिक व्यंजनों की प्रदर्शनी, महिलाओं और बच्चों ने उत्साह से लिया भाग

रायपुर । सूरजपुर जिले में सेवा संकल्प अभियान एवं राष्ट्रीय पोषण माह के अंतर्गत महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा आंगन मिलन एवं विशेष पोषण जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। बच्चों के सर्वांगीण विकास, महिलाओं के स्वास्थ्य और कुपोषण उन्मूलन के उद्देश्य से हुए इस कार्यक्रम में ग्रामीण महिलाओं, किशोरी बालिकाओं, बच्चों और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।

कार्यक्रम में स्थानीय स्तर पर उपलब्ध हरी साग-सब्जियों, मौसमी फलों और पारंपरिक खाद्य पदार्थों से तैयार व्यंजनों की प्रदर्शनी लगाई गई। ‘मेरी पौष्टिक थाली’ के माध्यम से दैनिक भोजन में विविधता रखने और स्थानीय खाद्य पदार्थों को शामिल करने की जानकारी दी गई। महिलाओं को बच्चों, किशोरियों और गर्भवती महिलाओं की पोषण संबंधी आवश्यकताओं के बारे में बताया गया। साथ ही बच्चों के स्वास्थ्य, स्वच्छता और नियमित देखभाल में परिवार की भूमिका पर भी चर्चा की गई।

‘घर-घर मुनगा, हर घर मुनगा’ का संदेश देते हुए परिवारों को मुनगा लगाने और उसे दैनिक आहार में शामिल करने के लिए प्रेरित किया गया। प्रतिभागियों को बताया गया कि स्थानीय स्तर पर उपलब्ध पौष्टिक खाद्य पदार्थों का संतुलित उपयोग परिवार के बेहतर पोषण में सहायक हो सकता है। कुपोषण से बचाव के लिए संतुलित खान-पान के साथ स्वच्छता और समुदाय की सक्रिय भागीदारी को भी आवश्यक बताया गया।

आंगन मिलन कार्यक्रम में महिलाओं और बच्चों को पोषण एवं स्वास्थ्य से जुड़ी जानकारी संवाद और सहभागिता के माध्यम से दी गई। आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से साझा की गई जानकारी को घरों तक पहुंचाने में माताओं, किशोरियों और कार्यकर्ताओं की भूमिका पर जोर दिया गया।

कार्यक्रम में शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं से पात्र हितग्राहियों को जोड़ने को प्राथमिकता दी गई। विभागीय अधिकारियों ने महतारी वंदन योजना की हितग्राही महिलाओं से संवाद कर उनके अनुभव जाने और उन्हें विभागीय योजनाओं की जानकारी दी। सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत सूरजपुर जिले में ऐसी गतिविधियों के माध्यम से पोषण एवं स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने तथा पात्र महिलाओं और बच्चों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।

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