सेवा की कहानी : राजनाथ और कबूतरी बाई का मजबूत सहारा बन गया प्रधानमंत्री आवास
A Story of Service: The Pradhan Mantri Awas Became a Strong Support for Rajnath and Kabutari Bai

रायपुर । दूसरे के खेतों में परिश्रम करके आजीविका चलाने वाले श्रमिक दंपत्ति के लिए प्रधानमत्रंी आवास एक मजबूत और सुरक्षित सहारा बन गया है। कोरिया जिले के ग्राम पंचायत कटगोड़ी में रहने वाले किसान परिवार के मुखिया राजनाथ साहू और उनकी पत्नी कबूतरी के बच्चे उनसे अलग रहते हैं और अब पति पत्नी ही एक दूसरे का सहारा हैं। ऐसे मे उनके लिए प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बना पक्का मकान उनके लिए एक मजबूत और सुरक्षित सहारा बन गया हैं। जब उन्हे अपने बुढ़ापे मंे सुरक्षित आशियाने की सर्वाधिक चिंता थी तब इस महत्वपूर्ण योजना ने उनके जीवन को संबल प्रदान कर दिया है।
’पारिवारिक स्थिति’
किसान परिवार से आने वाले राजनाथ के पास लगभग दो एकड़ कृषि भूमि है जिस पर वह वर्षा आधारित धान की फसल लेते हैं। इसके अलावा उनके पास आजीविका के लिए दूसरे के खेतों में परिश्रम या फिर अकुषल रोजगारमूलक योजनाओं से मिलने वाले दैनिक रोजगार का ही सहारा है। ऐसी सीमित आय के बीच पति पत्नी के लिए पक्के मकान का निर्माण करना एक कठिन चुनौती थी। उनकी आजीविका से आय केवल इतनी ही होती थी कि वह अपना जीवन निर्वाह कर सकें।
’आवास से संबल’
प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण ने लाखों परिवारों के जीवन में बड़ा बदलाव किया है। ऐसे ही कटगोड़ी में रहने वाले राजनाथ और उनकी पत्नी कबूतरी के लिए भी पक्के मकान की सुविधा ने इस गरीब परिवार को सामाजिक और आर्थिक चुनौनियों से निपटने का एक संबल बनकर आई है। पहले कच्चे मकान में बारिश और ठंड के मौसम मे होने वाली परेशानियों से यह दंपत्ति हमेशा संघर्ष करते रहते थे। लेकिन आवास निर्माण के बाद उनकी प्रमुख समस्या का निराकरण हो गया है।
’सामाजिक पहचान बना आवास’
किसान राजनाथ के लिए अपनी कमाई से एक पक्का मकान बनाना बेहद कठिन चुनौती था। लेकिन प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बने पक्के मकान उनकी पारिवारिक समस्या का निराकरण कर एक सामाजिक पहचान दी है। अब वह अपने पत्नी के साथ निश्चिंत जीवन में आगे बढ़ रहे हैं।




