छत्तीसगढ़

कला और कल्पनाशीलता से युवाओं ने दिया वन्यजीव संरक्षण का संदेश

Youth conveyed the message of wildlife conservation through art and imagination.

वन्यजीव सप्ताह का समापन, कला और रचनात्मक गतिविधियों से विद्यार्थियों ने दिखाई पर्यावरण के प्रति जागरूकता

रायपुर। वन्यजीव संरक्षण का संदेश देने वाली युवा प्रतिभाओं को गुरुवार को नवा रायपुर स्थित अरण्य भवन के दंडकारण्य सभागार में पुरस्कृत किया गया। वन्यजीव सप्ताह के समापन अवसर पर आयोजित समारोह में कला और ज्ञान आधारित विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेता विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया।

वन मंत्री श्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन में वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग तथा रायपुर वनमंडल द्वारा कलिंगा विश्वविद्यालय के हरित समूह एवं प्राणीशास्त्र विभाग के सहयोग से 2 से 8 अक्टूबर तक वन्यजीव सप्ताह मनाया गया। ‘जुड़ते प्राकृतिक आवास, फलते-फूलते वन्यजीव’ की थीम पर आयोजित इस सप्ताह के दौरान विद्यार्थियों ने विभिन्न गतिविधियों के जरिए प्रकृति और जैव विविधता संरक्षण का महत्व समझा। प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख श्री अरुण कुमार पाण्डेय व अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

सप्ताहभर चले आयोजन में कागज की आकृतियां और घोंसलों के प्रतिरूप बनाने, बीजगोलक (सीड बॉल) निर्माण, वन्यजीव छायाचित्रण तथा प्रकृति भ्रमण जैसी गतिविधियों में विद्यार्थियों ने भाग लिया। इन गतिविधियों के माध्यम से उन्हें वन्यजीवों और उनके प्राकृतिक आवासों के संरक्षण के प्रति जागरूक किया गया।

शॉर्ट फिल्म मेकिंग प्रतियोगिता में कलिंगा विश्वविद्यालय के देवेश मिंज, सिद्धांत नागपुरे और वर्षा साहू क्रमशः प्रथम, द्वितीय और तृतीय रहे। निबंध प्रतियोगिता में केंद्रीय विद्यालय की श्रेया साहू, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय उपरवारा की शैल्या साहू और पीएम श्री स्वामी आत्मानंद विद्यालय माना कैंप के आकाश दास ने क्रमशः प्रथम तीन स्थान प्राप्त किए। पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय माना कैंप की हेमा और शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय गनोद की दीपिका साहू को सांत्वना पुरस्कार मिला। वन्यजीव सप्ताह के दौरान आयोजित प्रतियोगिताओं और प्रकृति आधारित गतिविधियों ने विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण से जुड़ने तथा जैव विविधता के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझने का अवसर दिया।

Related Articles

Back to top button