दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे रायपुर रेल मंडल के द्वारा ट्रेनों के सुरक्षित परिचालन को लेकर उल्लास भवन, शिवनाथ रेल विहार, रायपुर में विशेष संरक्षा सेमिनार का आयोजन किया गया
A special safety seminar regarding the safe operation of trains was organized by the Raipur Railway Division of South East Central Railway at Ullas Bhavan, Shivnath Rail Vihar, Raipur.

रायपुर- दिनांक 17 अक्टूबर 2026 को दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे रायपुर रेल मंडल के संरक्षा विभाग के द्वारा ट्रेनों के सुरक्षित परिचालन हेतु परिचालन, विद्युत परिचालन, इंजीनियरिंग, यांत्रिक, सिग्नल एवं दूरसंचार तथा राजभाषा विभाग के कर्मचारियों के साथ उल्लास भवन, शिवनाथ रेल विहार, रायपुर में विशेष संरक्षा संगोष्ठी का आयोजन किया गया। जिसमें निम्न बिंदुओं पर चर्चा की गई-
स्पैड से बचाव, शंटिंग एवं स्टेबलिंग के दौरान बरती जानेवाली सावधानियां, शीतकालीन सावधानियाँ, डिस्कनेक्शन एवं रिकनेक्शन के दौरान बरती जाने वाली सावधानियाँ, हॉट एक्सल, ब्रेक बाइंडिंग एवं ट्रेन पार्टिग से बचाव के गाड़ी /वैगन की जांच, ओ एच ई ब्लॉक में कार्य के दौरान बरती जाने वाली सावधानियाँ, राजभाषा हिंदी का महत्व एवं संरक्षा में योगदान, आग से बचाव एवं अग्निशामक यंत्र का उपयोग एवं प्रदर्शन तथा प्राथमिक उपचार के बारे में जानकारी ।
इस विशेष संरक्षा सेमिनार में श्री दयानन्द, मंडल रेल प्रबंधक /रायपुर मुख्य अतिथि थे एवं उन्हीं के संरक्षण में यह सेमिनार का आयोजन हुआ। इस सेमिनार में मंडल रेल प्रबंधक महोदय के द्वारा रेल परिचालन मेँ संरक्षा को सर्वोपरी रखते हुए किस तरह से सभी फील्ड कर्मचारियो को आधुनिक उपकरणों के साथ अपग्रेड होकर अपने अपने कार्य स्थल में कार्य करने का संदेश दिये। श्री सुरेश चन्द्र, वरिष्ठ मंडल संरक्षा अधिकारी/रायपुर के द्वारा मंडल में घटित घटनाओ के उपर जानकारी प्रदन की गयी तथा उनमें सुधार के उपाय को भी प्रमुखता से बताया गया। विभिन्न वक्ताओ के द्वारा भी अपने अपने विषय पर रेल परिचालन सम्बन्धी जानकारी प्रदान की गयी। उक्त विशेष सेमिनार में मंडल रेल प्रबंधक /रायपुर के साथ साथ श्री सुरेश चन्द्र, वरिष्ठ मंडल संरक्षा अधिकारी/रायपुर के साथ-साथ मंडल के शाखा अधिकारी एवं अन्य अधिकारी श्री भाग लिये। साथ में संरक्षा विभाग से सभी संरक्षा सलाहकार ने संरक्षा सेमिनार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उक्त संरक्षा संगोष्ठी में अधिकारी, संरक्षा सलाहकार, सुपरवाइजर, एवं फील्ड कर्मचारियों को मिलाकर कुल लगभग 110 लोगों ने भाग लिया।




