छत्तीसगढ़

रजिस्ट्री प्रणाली में 10 क्रांतिकारी नवाचार

10 revolutionary innovations in the registry system

रजिस्ट्री से नामांतरण तक अब सब कुछ डिजिटल: उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा

आम जनता को मिलेगी बड़ी राहत, भ्रष्टाचार पर लगेगा अंकुश: वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी

रायपुर । मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा पंजीयन प्रणाली में ऐतिहासिक बदलाव करते हुए रजिस्ट्री एवं नामांतरण से जुड़े 10 क्रांतिकारी नवाचार की शुरुआत की है। इसी सिलसिले में शुक्रवार को अंबिकापुर के जिला पंचायत सभाकक्ष में एक जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री श्री विजय शर्मा तथा वित्त मंत्री श्री ओ. पी. चौधरी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, स्थानीय विधायकगण, जनप्रतिनिधि, अधिकारी और मीडिया प्रतिनिधि भी शामिल हुए।

नवाचारों से आमजन को मिलेगी राहत

कार्यशाला को संबोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि अब पंजीयन के बाद नामांतरण की प्रक्रिया स्वतः, पारदर्शी और त्वरित रूप से पूरी होगी, जिससे नागरिकों को बार-बार तहसील कार्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। उन्होंने बताया कि इस नई व्यवस्था से राजस्व न्यायालयों में लंबित मामलों की संख्या घटेगी और न्यायिक प्रक्रिया तेज होगी। इसके साथ ही, फर्जीवाड़े और भ्रष्टाचार पर भी प्रभावी रोक लगेगी।

तकनीक और पारदर्शिता से बदलेगी व्यवस्था

वित्त मंत्री श्री ओ. पी. चौधरी ने कहा कि राज्य सरकार की मंशा है कि आम जनता को तकनीक के माध्यम से सरल और पारदर्शी सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने बताया कि रजिस्ट्री प्रक्रिया को पेपरलेस एवं कैशलेस बनाते हुए 10 नवाचारों को लागू किया गया है, जिससे आमजन को समय, श्रम और धन की बचत होगी। साथ ही, पारिवारिक दान, हक त्याग और बंटवारे जैसे मामलों में पंजीयन शुल्क को मात्र 500 रुपए कर दिया गया है, जिससे आम नागरिकों को बड़ी राहत मिलेगी। कार्यशाला में शामिल अधिकारियों से आह्वान किया गया कि वे परस्पर समन्वय से इन नवाचारों को लागू करें, ताकि आम जनता को इसका लाभ सुनिश्चित हो।

ये हैं पंजीयन प्रणाली के 10 क्रांतिकारी नवाचार

1. आधार आधारित प्रमाणीकरण सुविधा– अब क्रेता, विक्रेता और गवाहों की पहचान आधार रिकॉर्ड के माध्यम से की जाएगी, जिससे फर्जीवाड़े की संभावना समाप्त होगी।
2. ऑनलाइन सर्च एवं डाउनलोड सुविधा– खसरा नंबर डालते ही संपत्ति के पूर्व लेन-देन की जानकारी ऑनलाइन प्राप्त की जा सकेगी।
3. भारमुक्त प्रमाण पत्र ऑनलाइन– संपत्ति पर ऋण आदि की जानकारी एक क्लिक में ऑनलाइन उपलब्ध होगी।
4. एकीकृत कैशलेस भुगतान सुविधा- स्टाम्प और पंजीयन शुल्क का एकसाथ डिजिटल भुगतान किया जा सकेगा।
5. व्हाट्सएप सेवाएं- रजिस्ट्री से जुड़ी सभी सूचनाएं, अपॉइंटमेंट और दस्तावेज व्हाट्सएप पर ही उपलब्ध होंगे।
6. डिजीलॉकर सुविधा- रजिस्ट्री दस्तावेज डिजिलॉकर में डिजिटल रूप से संरक्षित रहेंगे।
7. ऑटो डीड जनरेशन सुविधा– दस्तावेज ऑनलाइन ही स्वतः तैयार होकर उप-पंजीयक को प्रस्तुत होंगे।
8. डिजी डॉक्युमेंट सुविधा- शपथ पत्र, अनुबंध जैसे गैर-पंजीयन योग्य दस्तावेज भी ऑनलाइन तैयार व स्टाम्प शुल्क ऑनलाइन अदा किया जा सकेगा।
9. घर बैठे रजिस्ट्री की सुविधा– आधार प्रमाणीकरण से अपॉइंटमेंट लेकर घर से ही रजिस्ट्री कराई जा सकेगी।
10. स्वतः नामांतरण सुविधा– रजिस्ट्री के तुरंत बाद नामांतरण की प्रक्रिया स्वतः पूरी हो जाएगी।

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