छत पर सजे सूरज के घर से चमका जीवन: बचत की खुशी, पर्यावरण की रोशनी’
Life brightened with the sun house decorated on the roof: the joy of saving, the light of the environment’

’बिजली बिल से मिली राहत और आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ भविष्य का संकल्प’
3 किलोवाट क्षमता का सोलर रूफटॉप, एक लाख रूपए से अधिक की सब्सिडी
श्री शंकर पुरी, जो अपने परिवार के साथ हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में रह रहे हैं, हमेशा से बिजली बिल के खर्च और बिजली चले जाने की समस्या से चिंतित थे। प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना के बारे में जानकारी मिलने पर उन्होंने बिना देर किए योजना का लाभ उठाने का निर्णय लिया। योजना के तहत उन्होंने अपने घर की छत पर 3 किलोवाट क्षमता का सोलर रूफटॉप पैनल स्थापित किया। इस योजना की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि लाभार्थियों को केंद्र सरकार की ओर से सीधा अनुदान (सब्सिडी) प्रदान किया जाता है, जिससे प्रारंभिक निवेश का बोझ काफी कम हो जाता है। श्री शंकर पुरी को भी इस योजना के अंतर्गत रूपये 78 हजार की सब्सिडी सीधे उनके बैंक खाते में प्राप्त हुई। इससे उन्हें सोलर पैनल स्थापना के कुल खर्च का बड़ा हिस्सा कवर करने में मदद मिली। राज्य सरकार द्वारा भी श्री शंकर पुरी को 30 हजार रूपए का अनुदान जल्द ही दिया जायेगा।
पर्यावरण अनुकूल, 3.5 टन कार्बन उत्सर्जन में कमी
सोलर पैनल लगने के बाद से श्री पुरी को हर महीने बिजली बिल में बचत हो रही है। उनका कहना है कि यह बचत साल भर में एक बड़ी राशि बन जाती है, जिसे वे परिवार की अन्य आवश्यकताओं और बच्चों पर खर्च कर पा रहे हैं। साथ ही, यह प्रणाली पर्यावरण के लिए भी लाभकारी है। सौर ऊर्जा के उपयोग से सालाना लगभग 3.5 टन कार्बन उत्सर्जन में कमी आती है, जो वातावरण को स्वच्छ और प्रदूषणमुक्त बनाने की दिशा में एक अहम कदम है। श्री पुरी बताते हैं कि उन्हें यह जानकर गर्व होता है कि उनका छोटा-सा प्रयास भी जलवायु परिवर्तन से लड़ने के वैश्विक प्रयासों का हिस्सा है। उन्होंने बताया योजना की प्रक्रिया बेहद पारदर्शी और सरल थी।
सोलर प्लांट लगाना लाभकारी निवेश
अपने अनुभव को साझा करते हुए श्री पुरी ने योजना के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय को धन्यवाद देते हुए कहा – “मैं सभी नागरिकों से अपील करता हूँ कि वे प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना का लाभ अवश्य लें। इससे न केवल आर्थिक बचत होती है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ वातावरण भी सुनिश्चित होता है। प्रारंभिक लागत को लेकर डरने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि सरकार की ओर से मिलने वाली सब्सिडी और लंबी अवधि की बचत इसे एक लाभकारी निवेश बनाती है।“




