दिव्यांग विवाह प्रोत्साहन योजना से कुलेश्वरी एवं लकेश निषाद का दाम्पत्य जीवन हुआ सशक्त
The Disabled Marriage Promotion Scheme has strengthened the married life of Kuleshwari and Lakesh Nishad.

राज्य शासन की योजना से आत्मनिर्भरता और सम्मान की नई राह
रायपुर । राज्य शासन के दूरदर्शी एवं संवेदनशील नेतृत्व में समाज के कमजोर एवं विशेष आवश्यकता वाले वर्गों के कल्याण हेतु प्रभावी योजनाओं का सफल क्रियान्वयन किया जा रहा है। इसी कड़ी में समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित दिव्यांग विवाह प्रोत्साहन योजना दिव्यांग दम्पत्तियों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन ला रही है।
योजना के अंतर्गत जिला गरियाबंद के छुरा विकासखंड स्थित ग्राम कुटेना, पोस्ट पाण्डुका निवासी श्रीमती कुलेश्वरी निषाद एवं उनके पति श्री लकेश निषाद को लाभान्वित किया गया है। श्रीमती कुलेश्वरी निषाद (उम्र 34 वर्ष) 45 प्रतिशत अस्थिबाधित हैं, जबकि उनके पति श्री लकेश निषाद (उम्र 24 वर्ष) 40 प्रतिशत श्रवण बाधित हैं। योजना के प्रावधानों के अनुसार पति-पत्नी दोनों के दिव्यांग होने की स्थिति में एक लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाती है। इसके तहत दंपत्ति को एक लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि स्वीकृत कर प्रदाय की गई।
दिव्यांग विवाह प्रोत्साहन योजना राज्य शासन की समावेशी एवं जनकल्याणकारी सोच का सशक्त उदाहरण है, जो दिव्यांगजनों को सशक्त बनाकर उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।




