छत्तीसगढ़

7 फरवरी को छत्तीसगढ़ आएंगे अमित शाह

Amit Shah will visit Chhattisgarh on February 7.

रायपुर । केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह 7 फरवरी को छत्तीसगढ़ दौरे पर रहेंगे। तय कार्यक्रम के अनुसार, वे शनिवार की रात रायपुर पहुंचेंगे। अगले दिन रविवार को नक्सलवाद की स्थिति को लेकर उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक करेंगे। इसके बाद अमित शाह बस्तर के लिए निकलेंगे, जहां वे पंडुम महोत्सव के समापन कार्यक्रम में शामिल होंगे।

अमित शाह का दौरा ऐसे वक्त हो रहा है। जब केंद्र सरकार की तरफ से तय की गई 31 मार्च 2026 नक्सलवाद खात्मे की डेडलाइन नजदीक आ चुकी है। खुद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इस समयसीमा का सार्वजनिक ऐलान किया था। शाह का 2 महीने में ये दूसरा छत्तीसगढ़ दौरा है। इससे पहले वे 28 से 30 नवंबर तक नवा रायपुर स्थित IIM परिसर में आयोजित 60वें DGP-IGP सम्मेलन में पहुंचे थे।

दरअसल, छत्तीसगढ़ समेत नक्सल प्रभावित इलाकों में सुरक्षाबल लगातार अभियान चला रहे हैं। अब डेडलाइन में करीब दो महीने का ही समय बाकी है। ऐसे में अमित शाह का यह दौरा नक्सल विरोधी अभियानों की दिशा और आगे की रणनीति के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है।

तय कार्यक्रम के अनुसार, अमित शाह 5 फरवरी को देश के दौरे पर निकलेंगे। 7 फरवरी को रायपुर पहुंचेंगे। इस दौरान वे छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद को लेकर एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक करेंगे। जिसे अधिकारी 31 मार्च की डेडलाइन से पहले की अंतिम सुरक्षा समीक्षा के तौर पर देख रहे हैं।

अमित शाह की यह बैठक राज्य और केंद्र की सुरक्षा एजेंसियों के लिए बेहद निर्णायक मानी जा रही है। बैठक में छत्तीसगढ़, तेलंगाना, महाराष्ट्र और ओडिशा से जुड़े नक्सल प्रभावित इलाकों की सुरक्षा स्थिति, ऑपरेशन की प्रगति और इंटेलिजेंस इनपुट्स पर चर्चा होने की संभावना है।

खासतौर पर बस्तर संभाग में चल रहे एंटी-नक्सल ऑपरेशनों की समीक्षा इस बैठक का प्रमुख एजेंडा रहेगा।

बताया जा रहा है कि, अमित शाह इस दौरान बस्तर इलाके का दौरा भी कर सकते हैं। यह दौरा होता है, तो वे जमीनी स्तर पर तैनात सुरक्षाबलों और अधिकारियों से सीधे फीडबैक लेंगे। पिछले कुछ महीनों में बस्तर और उससे सटे इलाकों में नक्सल विरोधी अभियानों में तेजी आई है। कई बड़े नक्सल ऑपरेशन को अंजाम दिया गया है।

इस दौरे को इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि केंद्र सरकार ने 31 मार्च तक नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक परिणाम हासिल करने का लक्ष्य तय किया है। ऐसे में यह समीक्षा बैठक आगे की रणनीति और ऑपरेशनल दिशा तय करने वाली मानी जा रही है।

छत्तीसगढ़ आने से पहले अमित शाह जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा स्थिति की समीक्षा करेंगे। वहां भी वे उच्चस्तरीय बैठक कर हालिया सुरक्षा हालात और आगे की रणनीति पर चर्चा करेंगे। इसके बाद वे सीधे छत्तीसगढ़ के लिए रवाना होंगे।

राज्य स्तर पर अमित शाह के दौरे को लेकर प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां पहले से ही तैयारियों में जुटी हैं। रायपुर में प्रस्तावित बैठक को लेकर केंद्रीय अर्धसैनिक बलों, राज्य पुलिस और इंटेलिजेंस एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे। माना जा रहा है कि इस बैठक के बाद नक्सल प्रभावित इलाकों में ऑपरेशन और ज्यादा तेज किए जा सकते हैं।

इस तरह कुल मिलाकर अमित शाह का यह दौरा सिर्फ एक नियमित समीक्षा नहीं, बल्कि नक्सलवाद के खिलाफ तय समयसीमा से पहले आखिरी रणनीतिक बैठक के रूप में देखा जा रहा है। जिसका असर आने वाले महीनों में जमीनी हालात पर साफ दिख सकता है।

Related Articles

Back to top button