पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल कोल विद्रोह के महानायक वीर बुधु भगत की 234 वीं जयंती पर आयोजित समारोह में हुए शामिल
Tourism Minister Rajesh Agarwal attended the function organized on the 234th birth anniversary of Veer Budhu Bhagat, the great hero of the Coal Rebellion.

जनजातीय अस्मिता और स्वाभिमान को सशक्त करने का किया आह्वान
उंराव समाज के सामुदायिक भवन का लोकार्पण
समारोह को संबोधित करते हुए मंत्री श्री अग्रवाल ने कहा कि अमर शहीद वीर बुधु भगत ने जनजातीय अस्मिता, स्वाभिमान और अधिकारों की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व समर्पित कर दिया। उनका जीवन संघर्ष, साहस और संगठन शक्ति का अनुपम उदाहरण है। उन्होंने कहा कि राज्य शासन जनजातीय समाज के गौरवशाली इतिहास के संरक्षण तथा नई पीढ़ी तक उसके प्रसार के लिए निरंतर प्रयासरत है।
उन्होंने कहा कि “अमर शहीद वीर बुधु भगत का बलिदान हमें अन्याय और शोषण के विरुद्ध दृढ़तापूर्वक खड़े रहने की प्रेरणा देता है। उनका संघर्ष केवल इतिहास की स्मृति नहीं, बल्कि वर्तमान और भविष्य के लिए मार्गदर्शन है।”
ज्ञातव्य है कि वीर बुधु भगत की जयंती प्रतिवर्ष 17 फरवरी को श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई जाती है। वर्ष 2026 में उनकी 234वीं जयंती मनाई गई। वे उरांव समुदाय से थे और 19वीं शताब्दी के प्रारंभिक काल में अंग्रेजी शासन के विरुद्ध संघर्ष करने वाले प्रमुख जनजातीय क्रांतिकारी थे। उन्होंने 1831-32 के कोल विद्रोह में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई तथा अंग्रेजों की दमनकारी नीतियों, अत्यधिक कर वसूली और स्थानीय शोषण के विरुद्ध जनजागरण किया।
उनके नेतृत्व में जनजातीय समाज संगठित हुआ और विदेशी शासन को चुनौती दी। अंग्रेजी शासन ने उनके बढ़ते प्रभाव को देखते हुए उन्हें पकड़ने के लिए सैन्य अभियान चलाया। संघर्ष के दौरान 13 फरवरी 1832 को वे वीरगति को प्राप्त हुए। उनका बलिदान जनजातीय अस्मिता और स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में अमिट है।
समारोह में जनप्रतिनिधियों, समाज के वरिष्ठजनों तथा बड़ी संख्या में नागरिकों की उपस्थिति रही। सभी ने अमर शहीद वीर बुधु भगत को नमन करते हुए उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया।




