छत्तीसगढ़

बस्तर में युवाओं का सुनहरा अवसर

Golden opportunity for youth in Bastar

रायपुर। ‘संकल्प’ थीम पर आधारित राज्य सरकार का बजट ‘विकसित भारत-विकसित छत्तीसगढ़’ के विजन को आगे बढ़ाने वाला बताया जा रहा है। इस बजट में शिक्षा, अधोसंरचना, औद्योगिक निवेश, कृषि आधारित उद्योग, पर्यटन और सामाजिक सुरक्षा को केंद्र में रखकर मिशन मोड में काम करने की रूपरेखा प्रस्तुत की गई है।

सरकार ने पांच नए मुख्यमंत्री मिशन प्रारंभ करने की घोषणा की है, जिनका उद्देश्य नीति से परिणाम तक स्पष्ट रणनीति के साथ समावेशी विकास सुनिश्चित करना है। खासतौर पर बस्तर और सरगुजा क्षेत्र को विशेष प्राथमिकता दी गई है, जहां रोजगार, शिक्षा और कनेक्टिविटी को मजबूत करने पर जोर है।

शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए कुल बजट का 13.5 प्रतिशत प्रविधान स्कूल शिक्षा के लिए किया गया है। बस्तर के अबूझमाड़ और जगरगुंडा में दो एजुकेशन सिटी स्थापित की जाएंगी, जिससे दूरस्थ अंचलों के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सकेगी। बस्तर फाइटर्स में 1,500 नई भर्तियों से युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे।

औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने के लिए 23 नए औद्योगिक पार्कों की स्थापना हेतु 250 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। मुख्यमंत्री आदर्श शहर समृद्धि योजना के लिए 200 करोड़ रुपये और भूमि विकास बैंक के सुदृढ़ीकरण के लिए भी 200 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। अंबिकापुर-जगदलपुर हवाई सेवा विस्तार से क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को मजबूती मिलेगी।

कृषि आधारित उद्योगों के लिए 100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। बकरी, सूअर और मधुमक्खी पालन जैसी गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाएगा। इंद्रावती नदी पर देवरगांव और मटनार बैराज के लिए 2,000 करोड़ रुपये से अधिक स्वीकृत किए गए हैं।

कुनकुरी, मनेंद्रगढ़, कबीरधाम, जांजगीर-चांपा और दंतेवाड़ा मेडिकल कॉलेजों के संचालन को गति दी जाएगी। सरकारी कर्मचारियों के लिए कैशलेस उपचार सुविधा भी लागू की जाएगी, जो स्वास्थ्य सुरक्षा के क्षेत्र में अहम कदम माना जा रहा है।

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