जमीन घोटाला, विधवा की जमीन का मुआवजा पड़ोसी को बांट दिया
Land scam: Widow's land compensation distributed to neighbor

बिलासपुर। सकरी तहसील के ग्राम लोखंडी में एक मुआवजा घोटाला सामने आया है, जहां एक बुजुर्ग विधवा दूजबाई के हक का पांच लाख, 12 हजार का मुआवजा साहब की एक कलम ने पड़ोसी के नाम से बना दिया।
अरपा भैंसाझार परियोजना और नेशनल हाईवे के लिए दूजबाई की जमीन अधिग्रहित की गई है, लेकिन सरकारी नक्शे में हुई हेरफेर ने उन्हें पाई-पाई के लिए मोहताज कर दिया है। प्रशासनिक अधिकारियों की लापरवाही के खिलाफ अपील करने के बावजूद महीनों से कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
जमीन कागजों पर पड़ोसी की दिखने लगी
ग्राम लोखंडी की रहने वाली 70 वर्षीय दूजबाई बेवा रामाधार की खसरा नंबर 71/1ग में नेशनल हाईवे और 71/1ख की जमीन पर नहर का निर्माण कर दिया। सरकारी दस्तावेजों के अनुसार जमीन के नक्शा बटांकन में ऐसी त्रुटि की गई कि दूजबाई की जमीन 71/1 ख की 47 डिस्मिल जमीन कागजों पर पड़ोसी सूरज बली कश्यप की दिखने लगी।
आरोप, रसूखदारों के साथ मिलकर खेल खेला
नतीजा यह हुआ कि मुआवजे की राशि पांच लाख 12 हजार रुपए असली हकदार को मिलने के बजाय दूसरे पक्ष को देने का षडयंत्र रचा गया है। बुजुर्ग महिला के साथ हुए अन्याय का सूरजबली कश्यप व बेटे सतीष कश्यप ने भी विरोध किया है। दोनों का आरोप है कि उनके असहाय होने का फायदा उठाकर तहसील कार्यालय के अधिकारियों ने रसूखदारों के साथ मिलकर सारा खेल खेला है।
तहसीलदार फाइल दबाकर बैठे हैं
मामले की शिकायत कलेक्टर और तहसीलदार से की गई, लेकिन पीड़ितों का आरोप है कि तहसीलदार राहुल शर्मा फाइल दबाकर बैठे हैं और मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है।
पड़ोसी भी अन्याय के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं और कह रहे हैं कि बुजुर्ग महिला के साथ धोखाधड़ी हुई है। दूजबाई ने मांग की है कि उनकी जमीन का नापजोख और सीमांकन कर नक्शा सुधारा जाए और उन्हें उनका वैध मुआवजा दिलाया जाए।
नक्शे का मायाजाल और रसूखदारों का कब्जा
दूजबाई ने अपनी व्यथा बताते हुए कहा कि अधिग्रहित जमीन के अलावा उनकी जो शेष जमीन बची थी, उस पर भी चंद्रमा गोरख पति विनोद गोरख ने अपने रसूख के दम पर बलपूर्वक कब्जा कर लिया है। एक तरफ सरकार ने जमीन ली और दूसरी तरफ भू-माफिया ने उनकी बची-खुची संपत्ति पर नजर गड़ा दी है।
तहसीलदार पर जांच फाइल दबाने का आरोप
राजस्व निरीक्षक और पटवारी को मामले में संभागायुक्त कार्यालय से 15 दिसंबर 2025 तक जांच प्रतिवेदन सौंपने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। पीड़ितों का सीधा आरोप है कि तहसीलदार राहुल शर्मा जानबूझकर मामले को लटका रहे हैं, जिससे रसूखदार दोषियों को बचाया जा सके।
मामले में संभागायुक्त कार्यालय से रिमाइंडर मिला है। सकरी तहसलीदार व आरआई को सीमांकन कर जल्द से जल्द रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिेए हैं। अगर कहीं पर चूक हुई तो पीड़ित को मुआवजा दिलाने का प्रयास किया जाएगा।
– ज्योति पटेल, एडीएम बिलासपुर




