छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ ज्ञान सभा विक्रम संवत 2082 में वन विभाग की सक्रिय भागीदारी

Active participation of Forest Department in Chhattisgarh Gyan Sabha Vikram Samvat 2082

रायपुर। “छत्तीसगढ़ ज्ञान सभा विक्रम संवत 2082” कार्यक्रम में औषधि पादप बोर्ड  ने “घर में लगाएं औषधि उद्यान, निरोगी रहेगी का-स्वस्थ रहेगी संतान” विषय पर आकर्षक प्रदर्शनी कक्ष लगाया। इस प्रदर्शनी कक्ष में ब्राह्मी, घृतकुमारी, सिंदूरी, पिप्पली, नींबू घास, मधुपर्णी (स्टीविया), चिरायता, अडूसा, कोलियस, बड़ा पाथरचट्टा तथा निर्गुंडी सहित अनेक औषधीय एवं सुगंधित पौधों का प्रदर्शन किया गया। वन विभाग की यह पहल राज्य में औषधीय पौधों के संरक्षण, संवर्धन और जनजागरूकता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे नागरिकों को प्राकृतिक चिकित्सा पद्धति अपनाने और स्वस्थ जीवनशैली की ओर प्रेरणा मिल रही है।

छत्तीसगढ़ शासन के वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अंतर्गत संचालित छत्तीसगढ़ आदिवासी, स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधि पादप बोर्ड द्वारा 28 फरवरी से 1 मार्च 2026 तक भिलाई (जिला दुर्ग) में आयोजित “छत्तीसगढ़ ज्ञान सभा विक्रम संवत 2082” कार्यक्रम में सक्रिय भागीदारी की गई। यह कार्यक्रम शंकराचार्य प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी के जुनवानी परिसर में आयोजित हुआ। इसका संयुक्त आयोजन छत्तीसगढ़ प्राइवेट यूनिवर्सिटीज रेगुलेटरी कमीशन तथा शिक्षा संस्कृत संस्थान न्यास  द्वारा किया गया।

प्रदर्शनी में आए स्कूली विद्यार्थियों, महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं, आम नागरिकों तथा विशिष्ट अतिथियों ने औषधीय पौधों के दैनिक उपयोग और उनके स्वास्थ्य लाभ के संबंध में जानकारी प्राप्त की। कई लोगों ने अपने घरों में औषधि उद्यान विकसित करने की इच्छा व्यक्त की। कार्यक्रम में सुरेश भैयाजी जोशी, डॉ. अतुल कोठारी (राष्ट्रीय सचिव, शिक्षा संस्कृत संस्थान न्यास), श्री आई.पी. मिश्रा (संयोजक, छत्तीसगढ़ ज्ञान सभा एवं कुलपति), उच्च शिक्षा मंत्री श्री टंक राम वर्मा, श्री राजीव प्रकाश (निदेशक, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान भिलाई) सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

 

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