दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना के तहत मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय कल लगभग 5 लाख भूमिहीन कृषि मजदूर परिवारों को 500 करोड़ रुपये की सौगात देंगे
Under the Deendayal Upadhyay Landless Agricultural Labourers Welfare Scheme, Chief Minister Vishnudev Sai will tomorrow give a gift of Rs 500 crore to about 5 lakh landless agricultural labourer families.

रायपुर जिला के सर्वाधिक 53 हजार 338 भूमिहीन कृषि मजदूर और सबसे कम बीजापुर जिला से 1542 भूमिहीन कृषि मजदूरों को मिलेगा लाभ
रायुपर । दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना, छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा राज्य के भूमिहीन कृषि मजदूर परिवारों को आर्थिक रूप से संबल बनाने के लिए शुरू की गई एक प्रमुख योजना है। इस योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र के भूमिहीन कृषि श्रमिकों को सशक्त बनाना है। इस योजना से सर्वाधिक रायपुर जिला के 53 हजार 338 भूमिहीन कृषि मजदूर और सबसे कम बीजापुर जिला से 1542 भूमिहीन कृषि मजदूर शामिल हैं। सरकार ने इन्हें मुख्यधारा से जोड़कर यह संदेश दिया है कि ‘अंत्योदय’ की कतार में खड़ा आखिरी पंक्ति के व्यक्ति भी शासन की प्राथमिकता में सबसे ऊपर है।
दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजनाके तहत 4.95 लाख से अधिक पात्र परिवारों के लिए राज्य सरकार की ओर से 495 करोड़ 96 लाख 50 हजार रुपये की राशि का प्रावधान किया गया है। भूमिहीन कृषि मजदूरों को प्रतिवर्ष 10 हजार रूपए की वित्तीय सहायता सीधे हितग्राही के बैंक खाते में दी जाती है। 25 मार्च 2026 को बलौदाबाजार से जब मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय राशि अंतरित करेंगे, तो वह छत्तीसगढ़ के न्याय और सुशासन की गूंज होगी। दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना ने यह साबित कर दिया है कि जब सरकार की नीयत साफ और नीति स्पष्ट हो, तो विकास की किरण हर झोपड़ी तक पहुंचती है।
दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना के तहत मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की घोषणा के अनुरूप भूमिहीन कृषि मजदूरों को प्रतिवर्ष 10 हज़ार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। संकल्प बजट 2026-27 में 600 करोड़ रूपए का प्रावधान के साथ भूमिहीन कृषि मजदूर परिवारों को आर्थिक सुरक्षा का सशक्त संबल मिलेगा। यह सहायता सीधे जरूरतमंदों तक पहुँचकर उन्हें स्थिरता, सम्मान और आत्मविश्वास प्रदान करेगी। सशक्त श्रमिकों के माध्यम से सुरक्षित और सम्मानजनक भविष्य सुनिश्चित करना छत्तीसगढ़ सरकार का संकल्प है।
दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना के तहत रायपुर जिला के 53 हजार 338 भूमिहीन कृषि मजदूर, बिलासपुर जिला के 39 हजार 401 भूमिहीन कृषि मजदूर, महसमुंद जिला के 37 हजार 11 भूमिहीन कृषि मजदूर और सबसे कम बीजापुर जिला से 1542 भूमिहीन कृषि मजदूर, कोरिया जिला से 1549 भूमिहीन कृषि मजदूर और नारायणपुर जिला से 1805 भूमिहीन कृषि मजदूरों को मिलेगा लाभ मिलेगा, जिनका ई केवायसी हो चुका है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना को शुरू करने के पीछे हमारा उद्देश्य भूमिहीन कृषि मजदूर परिवारों के शुद्ध आय में वृद्धि कर उन्हें आर्थिक रूप से संबल प्रदान करना है। इस योजना में भूमिहीन कृषि मजदूरों के साथ वनोपज संग्राहक भूमिहीन परिवार, चरवाहा, बढ़ई, लोहार, मोची, नाई, धोबी आदि पौनी-पसारी व्यवस्था से संबद्ध भूमिहीन परिवार भी शामिल हैं। इनके अलावा अनुसूचित क्षेत्रों में आदिवासियों के देवस्थल में पूजा करने वाले पुजारी, बैगा, गुनिया, माँझी परिवारों को भी शामिल किया गया है। लाभार्थी सूची में 22,028 बैगा और गुनिया परिवार भी शामिल हैं, जो राज्य की सांस्कृतिक और पारंपरिक विरासत के रक्षक हैं। सरकार का प्राथमिक लक्ष्य इन परिवारों को सालाना एक निश्चित आर्थिक सहायता प्रदान करना है, ताकि वे अपनी बुनियादी जरूरतों, जैसे शिक्षा, स्वास्थ्य और दैनिक आवश्यकताओं को बिना किसी कर्ज के पूरा कर सकें। इन्हें पूर्व में दी जाने वाली 7,000 रुपये की राशि को बढ़ाकर अब 10,000 रुपये प्रति वर्ष कर दिया गया है, जो सीधे लाभार्थियों के खातों में पहुंचती है।




