छत्तीसगढ़

चार जिले के सहायक आयुक्त को शो-कॉज नोटिस

Show-cause notice to Assistant Commissioner of four districts

प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा ने ली राज्य स्तरीय विभागीय बैठक 

नगरीय निकायों के माध्यम से आश्रम-छात्रावासों के सेप्टिक टैंकों की हो सफाई  

आश्रम-छात्रावासों की व्यवस्था सुदृढ़ करने के निर्देश

मरम्मत, रंग-रोंगन, बिजली, पानी की समुचित व्यवस्था कराने सहायक आयुक्तों को दो माह की मोहलत 

नवीन छात्रवृत्ति व्यवस्था से लाखों विद्यार्थी हुए लाभान्वित, पारदर्शी बनाने अब ऑनलाइन व्यवस्था 

लंबित वन अधिकार प्रकरणों का 15 दिन में निराकरण करने के दिए निर्देश 

रायपुर । आदिम जाति, अनुसूचित जाति, अन्य पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक विकास विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आज मंत्रालय में प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में विभागीय योजनाओं, आय-व्यय तथा आगामी कार्ययोजनाओं सहित विभिन्न विकास कार्यों की गहन समीक्षा की गई।

प्रमुख सचिव ने विभागीय योजनाओं में बेहतर कार्य करने वाले जिलों की सराहना की, वहीं विभिन्न मदों के बजट आबंटन को सदुपयोग न करने वाले चार जिले बलौदाबाजार, बेमेतरा, जशपुर और बिलासपुर के सहायक आयुक्तों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।

उन्होंने आगामी शैक्षणिक सत्र को ध्यान में रखते हुए आश्रम छात्रावासों की व्यवस्थाओं को प्राथमिकता देने पर जोर दिया। श्री बोरा ने निर्देशित किया कि अगले दो महीनों में छात्रावासों के मरम्मत, रंग-रोगन, शौचालय, पेयजल एवं विद्युत व्यवस्था सहित सभी आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित कर लिया जाए। साथ ही छात्रावासों में अग्निशमन यंत्र और सीसीटीवी कैमरे लगाने के भी निर्देश दिए गए।

उन्होंने “प्रोजेक्ट संकल्प” के तहत विद्यार्थियों के सांस्कृतिक, मानसिक एवं नैतिक विकास को और मजबूत करने के लिए ध्यान और योग को भी शामिल करने की बात कही। इसके अलावा, सेप्टिक टैंकों की सफाई मैनुअल तरीके से न कराकर, नगरीय निकायों के माध्यम से सक्शन मशीनों से कराने के निर्देश दिए।

बैठक में छात्रवृत्ति योजना के प्रभावी क्रियान्वयन पर संतोष जताया गया। बताया गया कि नई व्यवस्था के तहत पिछले सत्र में 3.3 लाख विद्यार्थियों को माह दिसम्बर तक छात्रावृत्ति की 72 प्रतिशत राशि और 99 प्रतिशत राशि 31 मार्च तक, सुगमतापूर्वक समय पर सीधे विद्यार्थियों के खातों में हस्तांतरित की गई। इस व्यवस्था को और पारदर्शी बनाने के लिए जल्द ही पूरी प्रक्रिया को ऑनलाइन किया जाएगा। इस व्यवस्था के तहत विद्यार्थियों को हार्ड कॉपी जमा करने की आवश्यकता नहीं होगी और फर्जीवाड़े पर भी रोक लगेगी।

वन अधिकार अधिनियम की समीक्षा करते हुए प्रमुख सचिव ने निर्देश दिए कि सभी लंबित प्रकरणों का 15 दिनों के भीतर ग्राम सभाओं के माध्यम से निराकरण सुनिश्चित किया जाए। निर्माण कार्यों की समीक्षा के दौरान उन्होंने स्वीकृत परियोजनाओं को समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए। साथ ही कहा कि नए आश्रम, छात्रावास भवन बनाने का प्रस्ताव भेजने से पहले स्थल निरीक्षण अनिवार्य रूप से किया जाए, ताकि भविष्य में विवाद की स्थिति न बने। उन्होंने यह भी कहा कि बस्तर क्षेत्र में पूर्व प्रस्तावित छात्रावासों का निर्माण अब प्राथमिकता से किया जाए।

बैठक में एकलव्य एवं प्रयास आवासीय विद्यालयों में एक भी सीट खाली न रहने के निर्देश दिए गए। साथ ही जवाहर उत्कर्ष योजना के तहत उत्कृष्ट विद्यालयों के चयन पर भी जोर दिया गया। प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना, पीएम जनमन, धरती आबा ग्राम उत्कर्ष, देवगुड़ी एवं अखरा विकास योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए गुणवत्ता के साथ शीघ्र कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए गए।

बैठक में संयुक्त सचिव श्री बी.के. राजपूत, श्री अनुपम त्रिवेदी, वित्तीय सलाहकार श्री नीरज मिश्रा, अपर संचालक श्री संजय गौड़, श्री जितेंद्र गुप्ता, श्री आर.एस. भोई सहित विभागीय अधिकारी एवं सभी जिलों के सहायक आयुक्त उपस्थित रहे।

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