छत्तीसगढ़

नारी सशक्तिकरण के अधूरे सपने को पूरा करने का संकल्प, पुरन्दर मिश्रा का स्पष्ट संदेश

Purandar Mishra's clear message: A resolve to fulfill the unfulfilled dream of women empowerment

प्रधानमंत्री मोदी के आह्वान पर पुरन्दर मिश्रा का संकल्प—नारी शक्ति को मिलेगा पूरा अधिकार

मोदी जी की सोच, पुरन्दर मिश्रा का समर्थन—नारी शक्ति के अधिकारों की बुलंद पुकार

रायपुर – उत्तर विधानसभा क्षेत्र के लोकप्रिय विधायक पुरन्दर मिश्रा ने अपने कार्यालय में देश के माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के राष्ट्र के नाम संबोधन को गंभीरतापूर्वक सुना। इस अवसर पर उन्होंने “नारी शक्ति वंदन अधिनियम” के संसद में पारित न हो पाने पर गहरा खेद व्यक्त किया।
विधायक श्री मिश्रा ने कहा कि यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि महिलाओं के सशक्तिकरण से जुड़ा इतना महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक विधेयक संकीर्ण राजनीतिक सोच के कारण पारित नहीं हो सका। उन्होंने प्रधानमंत्री जी द्वारा देश की मातृशक्ति से व्यक्त की गई क्षमा याचना को उनकी संवेदनशीलता, दूरदृष्टि और महिलाओं के सम्मान के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता का प्रतीक बताया।
उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यह विधेयक केवल एक राजनीतिक प्रस्ताव नहीं था, बल्कि देश की करोड़ों बहनों को सम्मान, समान अवसर और निर्णय प्रक्रिया में सशक्त भागीदारी दिलाने का एक सशक्त माध्यम था। किंतु कांग्रेस, टीएमसी, डीएमके और सपा जैसे दलों ने अपनी संकीर्ण राजनीति के चलते इस जनभावना से जुड़े विषय को आगे बढ़ने से रोक दिया, जो नारी शक्ति के अधिकारों के साथ अन्याय है।
श्री पुरन्दर मिश्रा ने आगे कहा कि देश की जनता सब देख रही है और नारी सम्मान के मार्ग में आने वाली हर बाधा को समय आने पर जवाब अवश्य देगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि केंद्र सरकार महिलाओं के अधिकारों और सशक्तिकरण के लिए निरंतर प्रयासरत है और भविष्य में इस दिशा में और भी मजबूत कदम उठाए जाएंगे।
अंत में उन्होंने दृढ़ संकल्प व्यक्त करते हुए कहा कि समाज और शासन की प्राथमिकता महिलाओं को उनका उचित स्थान दिलाना होना चाहिए, और इस दिशा में हर संभव प्रयास जारी रहेगा। नारी शक्ति का सम्मान ही सशक्त और समृद्ध भारत की नींव है।

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