मध्यप्रदेश

जबलपुर क्रूज हादसा: लापता लोगों के लिए राहत कार्य जोरों पर

Jabalpur cruise ship accident: Rescue operations in full swing for missing people

जबलपुर । बरगी डैम में गुरुवार को हुए हादसे के बाद लापता चार लोगों की तलाश के लिए शनिवार सुबह सात बजे से सर्च आपरेशन फिर से शुरू किया गया। बचाव कार्य में सेना, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें नौकाओं की मदद से लापता लोगों को खोज रही हैं। कामराज के परिवार के मृत सदस्यों के शव दोपहर तक तमिलनाडु एयरलिफ्ट किया जा सकते हैं। 30 घंटे से ज्यादा समय से शव रखे हुए हैं. स्वजन तमिलनाडु के गृह ग्राम में अंतिम संस्कार करना चाहते हैं। शवों को जल्दी पहुंचने के लिए एयरलिफ्ट करने को लेकर प्रशासन की ओर से बातचीत कर व्यवस्था बनाने के प्रयास हो रहे हैं। हादसे में आयुध निर्माणी खमरिया में कार्यरत कामराज का परिवार शामिल था। कामराज अपनी पत्नी बच्चे तमिलनाडु से आए माता-पिता एवं अन्य स्वजन के साथ घूमने पहुंचे थे। हादसे के दौरान 10 वर्षीय बेटा लहरों के सहारे किनारे आ गया था, जिसे सुरक्षित बचा लिया। हादसे में कामराज की 38 वर्षीय पत्नी काकुलाझी और 42 वर्षीय सौभाग्यम अलागन के शव बरामद कर लिए गए हैं। वहीं, 45 वर्षीय कामराज, 5 वर्षीय श्रीतमिलवेंदन और 9 वर्षीय मयूरन सहित 4 लोग अभी भी लापता हैं। लापता चौथा सदस्य विराज सोनी (6) है। बरगी हादसे के बाद शुक्रवार को दोपहर एक ऑटो में पुरानी लाइफ जैकेट लाई गई और घाट पर ढेर लगा दिया गया। इसे देखकर ऐसा प्रतीत हो रहा था कि घटना के बाद महज औपचारिकता निभाई जा रही है। विदित हो कि गौरीघाट में 50 से ज्यादा नौकाओं का संचालन किया जाता है और नाविकों को नगर निगम द्वारा लाइसेंस जारी किया जाता है। शुक्रवार को बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर नर्मदा गौरीघाट में श्रद्धालुओं की अच्छी-खासी भीड़ रही। इस दौरान श्रद्धालु नौका विहार भी कर रहे थे, लेकिन नौका संचालन करने वाले और नाव में सवार लोगों में से किसी के पास लाइफ जैकेट व अन्य सुरक्षा सामग्री नहीं थी। नगर निगम के रामपुर जोन के अधिकारी पंकज अवस्थी और बाजार विभाग अधीक्षक राजेंद्र दुबे ने बताया कि बरगी हादसे को देखते हुए गौरीघाट में दोपहर बाद नौकाओं का संचालन बंद करवा दिया गया है। हालांकि नियमों के अनुसार सुरक्षा मानकों का पालन होने तक नौकाएं नहीं चलेंगी।

 

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