’गांव-गांव में गूंजा सुशासन का संदेश’ : ’रोजगार सह आवास दिवस पर ग्रामीणों ने लिया जल संरक्षण का संकल्प’
'The message of good governance resonated in every village': 'On Employment and Housing Day, villagers pledged to conserve water'

’डिजिटल नवाचार- क्यूआर कोड से मिल रही योजनाओं की जानकारी’
’पारदर्शिता की दिशा में बढ़ी कोरिया पुलिस और प्रशासन की पहल’
’तकनीक से सुशासन- अब एक स्कैन पर उपलब्ध है विकास का लेखा-जोखा’
इस बार के आयोजन का मुख्य आकर्षण डिजिटल पारदर्शिता रही। जिले की ग्राम पंचायतों के सार्वजनिक स्थलों पर बड़ी संख्या में क्यूआर कोड (QR Code) लगाए गए हैं। ग्रामीणों ने अपने मोबाइल से क्यूआर कोड स्कैन कर मनरेगा और प्रधानमंत्री आवास योजना के स्वीकृत कार्यों की स्थिति जानी। मौके पर ही लोगों को स्कैनिंग की प्रक्रिया सिखाई गई, जिससे अब वे घर बैठे अपने गाँव के विकास कार्यों की निगरानी कर सकेंगे।
’90 दिनों में पूरे होंगे सपनों के घर सामूहिक संकल्प’
आवास दिवस के अवसर पर उन हितग्राहियों को विशेष रूप से प्रेरित किया गया जिनके मकान निर्माणाधीन हैं। पंचायतों ने सामूहिक रूप से संकल्प लिया कि स्वीकृत सभी आवासों का निर्माण आगामी 90 दिनों के भीतर अनिवार्य रूप से पूर्ण कर लिया जाएगा। सुशासन तिहार के तहत लंबित भुगतान और जियो टैगिंग (Geo-tagging) के कार्यों को अभियान चलाकर मौके पर ही पूर्ण किया गया।
’जल संरक्षण और आजीविका संवर्धन पर जोर’
आगामी मानसून को देखते हुए ग्रामीणों ने नवा तरिया और अन्य जल संरचनाओं को समय पर पूर्ण करने की शपथ ली। स्व-सहायता समूहों (SHGs) की महिलाओं ने आजीविका डबरी निर्माण पर चर्चा की, जिसे आय के स्थायी स्रोत के रूप में विकसित किया जा रहा है। जिले में सैकड़ों डबरियों के माध्यम से ग्रामीण परिवारों की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करने की रणनीति तैयार की गई है।
’चावल महोत्सव और जन-भागीदारी’
शासन के निर्देशानुसार, इस दिन चावल महोत्सव का भी आयोजन किया गया, जिससे यह कार्यक्रम एक उत्सव में तब्दील हो गया। कोरिया कलेक्टर ने इस पहल को सुशासन की दिशा में एक बड़ा कदम बताया है, जहाँ सरकारी योजनाओं की जानकारी और लाभ सीधे अंतिम व्यक्ति तक पहुँच रहा है।




