सुशासन तिहार 2026 : सरकारी दफ्तरों के चक्करों से मिली मुक्ति, 15 मिनट में हाथों-हाथ मिला ड्राइविंग लाइसेंस
Good Governance Festival 2026: Freedom from the hassle of visiting government offices, get your driving license in 15 minutes

रायपुर । मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में सुशासन की परिभाषा बदल रही है। प्रदेशभर में आयोजित हो रहे सुशासन तिहार शिविर अब आम नागरिकों के लिए केवल समस्या निवारण का केंद्र नहीं, बल्कि भरोसे और त्वरित न्याय का पर्याय बन चुके हैं। साय सरकार की इसी जनहितकारी सोच और प्रशासनिक संवेदनशीलता की एक जीवंत बानगी बुधवार को गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में देखने को मिली। शासन के इस सार्थक प्रयास से ग्रामीण अंचलों में खुशी की लहर है और लोग इसे लोकतांत्रिक व्यवस्था की एक बड़ी जीत मान रहे हैं।
हेमंत का अनुभव अविश्वास से अटूट विश्वास तक
पेंड्रा विकासखंड के क्लस्टर ग्राम पंचायत देवरीकला में आयोजित जन समस्या निवारण शिविर में मटियाडांड निवासी हेमंत कुमार अपनी कुछ व्यक्तिगत समस्याओं को लेकर पहुंचे थे। शिविर में परिवहन विभाग के स्टॉल पर जब उन्हें पता चला कि यहाँ हल्के निजी वाहनों के लिए लर्निंग लाइसेंस बनाए जा रहे हैं, तो उन्होंने आवेदन किया।
हेमंत कुमार बताते हैं, मुझे शुरुआत में यकीन ही नहीं हुआ कि जिस लाइसेंस के लिए हफ्तों का समय लगता है, वह यहाँ महज 15 मिनट में बनकर तैयार हो गया। विभाग की तकनीकी सजगता और अधिकारियों के सहयोग से बिना किसी लंबी कतार या बिचौलियों के, हेमंत को उनका ड्राइविंग लाइसेंस सौंप दिया गया। उनके चेहरे की मुस्कान साय सरकार की कार्यक्षमता का सबसे बड़ा प्रमाण बनी।
गाँव-गाँव पहुँच रही सरकार, अंतिम व्यक्ति तक लाभ
सुशासन तिहार के माध्यम से प्रशासन अब फाइलों में नहीं, बल्कि सीधे जनता के द्वार पर खड़ा नजर आ रहा है। इन शिविरों की मुख्य विशेषताएं रही कि प्रमाण पत्र, पंजीयन और राजस्व प्रकरणों का मौके पर ही निपटारा किया जा रहा हैै। ग्रामीणों को जिला मुख्यालय जाने की जरूरत नहीं, जिससे समय और धन दोनों की बचत हो रही है। एक ही छत के नीचे सभी प्रमुख विभागों की उपस्थिति से कार्यों में गति आ रही है। सीधे संवाद से भ्रष्टाचार की गुंजाइश खत्म हो रही है और योजनाओं का लाभ सीधे अंतिम व्यक्ति तक पहुँच रहा है।
जन-अभियान बनता सुशासन तिहार
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिला प्रशासन द्वारा की गई सुव्यवस्थित व्यवस्था और नागरिकों के प्रति मानवीय दृष्टिकोण की स्थानीय स्तर पर जमकर सराहना हो रही है। हेमंत कुमार जैसे हजारों हितग्राही अब मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के इस सुशासन विजन के मुरीद हो रहे हैं। सुशासन तिहार अब महज शिकायतों के निवारण का मंच नहीं रह गया है, बल्कि यह जनता और सरकार के बीच अटूट विश्वास की एक मजबूत कड़ी के रूप में जन-अभियान का रूप ले चुका है।




