छत्तीसगढ़

कस्तूरा शिविर में हितग्राहियों को मिला योजनाओं का लाभ

Beneficiaries received benefits of schemes at Kastura camp

किसानों को वितरित किए गए किसान किताब और फलदार पौधे

महिला समूहों को मछली पालन के लिए आईस बॉक्स एवं मछली जाल प्रदान

तीन हितग्राहियों को मिला जॉब कार्ड

रायपुर । मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में जशपुर जिले में सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविरों का प्रभावी संचालन किया जा रहा है। शिविरों के माध्यम से शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ ग्रामीणों तक पहुंचाया जा रहा है तथा पात्र हितग्राहियों को मौके पर ही विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित किया जा रहा है।
इसी क्रम में जशपुर जिले के दुलदुला विकासखंड अंतर्गत ग्राम कस्तूरा में आयोजित जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा हितग्राहियों को सामग्री एवं प्रमाण पत्र वितरित किए गए। जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री शौर्य प्रताप सिंह जुदेव ने हितग्राहियों को योजनाओं के तहत सामग्री प्रदान कर शासन की योजनाओं का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया।
शिविर में कृषि विभाग द्वारा किसानों को किसान किताब वितरित की गई। साथ ही किसानों को आम, लीची एवं अन्य फलदार पौधों का वितरण कर बाड़ी विकास और उद्यानिकी गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए प्रोत्साहित किया गया। अधिकारियों ने किसानों को वैज्ञानिक खेती एवं फलदार पौधों से अतिरिक्त आय अर्जित करने की जानकारी भी दी।
महिला स्व-सहायता समूहों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी शिविर में विशेष पहल की गई। मत्स्य विभाग द्वारा मछली पालन कार्य से जुड़ी महिलाओं को आईस बॉक्स एवं मछली पकड़ने के जाल वितरित किए गए, जिससे उन्हें मछली संरक्षण एवं विपणन कार्य में सुविधा मिल सकेगी। महिलाओं ने शासन की इस पहल के प्रति खुशी जताते हुए कहा कि इससे उनकी आय में वृद्धि होगी और स्वरोजगार को बढ़ावा मिलेगा।
शिविर में मनरेगा अंतर्गत तीन हितग्राहियों को जॉब कार्ड भी प्रदान किए गए। इनमें ग्राम कस्तूरा की सोनी कुमारी, आशा देवी एवं कमला बाई शामिल हैं। हितग्राहियों ने कहा कि जॉब कार्ड मिलने से अब उन्हें गांव में ही रोजगार के अवसर उपलब्ध हो सकेंगे और परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।
ग्रामीणों ने सुशासन तिहार को जनहितकारी पहल बताते हुए कहा कि अब शासन की योजनाओं का लाभ लेने के लिए दूर-दराज कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ रहे हैं, बल्कि प्रशासन स्वयं गांव तक पहुंचकर योजनाओं का लाभ उपलब्ध करा रहा है। शिविर में विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।

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