छत्तीसगढ़

भीषण गर्मी से वन्यजीवों पर संकट, वन विभाग सतर्क

Wildlife in danger due to intense heat, forest department alert

खैरागढ़ में 15 वन्यजीवों और पक्षियों की मौत, जांच के लिए भेजे गए नमूने

रायपुर। प्रदेश में पड़ रही भीषण गर्मी और हीट वेव का असर अब वन्यजीवों पर भी दिखाई देने लगा है। खैरागढ़ वन क्षेत्र के उपवृत्त लछना अंतर्गत दल्लीखोली के वन कक्ष क्रमांक 322 में 15 वन्यजीव और पक्षी मृत अवस्था में पाए गए। घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और तत्काल जांच शुरू की गई।

प्रारंभिक जांच में हीट वेव की आशंका

वन विभाग और पशु चिकित्सकों की टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। प्राथमिक जांच में माना जा रहा है कि पिछले कई दिनों से क्षेत्र में पड़ रही अत्यधिक गर्मी और हीट वेव के कारण यह घटना हुई हो सकती है। जांच को पुख्ता करने के लिए आसपास के जल स्रोतों और मिट्टी के नमूने लेकर प्रयोगशाला भेजे गए हैं।

वन्यजीव संरक्षण के लिए बनाए गए अस्थायी वाटर होल

भीषण गर्मी से वन्यजीवों को राहत देने के लिए वन विभाग ने क्षेत्र में 3 अस्थायी वाटर होल तैयार किए हैं। इनमें नियमित रूप से पेयजल की व्यवस्था की जा रही है। आवश्यकता के अनुसार अन्य स्थानों पर भी वाटर होल बनाए जा रहे हैं, ताकि वन्यजीवों को पानी की कमी का सामना न करना पड़े।

ट्रैप कैमरों से रखी जा रही निगरानी

वन विभाग ने संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी है। ट्रैप कैमरों के माध्यम से वन्यजीवों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है। साथ ही वन अमला नियमित गश्त कर रहा है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई की जा सके।

स्थानीय लोगों से सहयोग की अपील

वन मंडलाधिकारी श्री पंकज सिंह राजपूत ने बताया कि वन मंत्री श्री केदार कश्यप के निर्देशानुसार विभाग पूरी गंभीरता से स्थिति पर नजर बनाए हुए है। उन्होंने स्थानीय ग्रामीणों और आम नागरिकों से अपील की है कि यदि कोई वन्यप्राणी या पक्षी घायल, बीमार, असामान्य स्थिति में या मृत अवस्था में दिखाई दे तो इसकी सूचना तुरंत वन विभाग को दें।

कंट्रोल रूम का नंबर जारी

वन विभाग ने सहायता के लिए कंट्रोल रूम नंबर 247 तथा मोबाइल नंबर +91-9301321797 जारी किया है। विभाग ने कहा है कि वन्यजीव संरक्षण और पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।

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