वन विकास निगम की अनूठी पहल : सार्वजनिक प्याऊ से प्यास भी बुझा रहे, जंगलों को आग से भी बचा रहे
A unique initiative by the Forest Development Corporation: quenching thirst with public drinking water and protecting forests from fire.

वन मंत्री श्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन में शुरू हुई जनजागरूकता मुहिम
रायपुर । प्रदेश के वन मंत्री श्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन में वन विकास निगम जगदलपुर द्वारा भीषण गर्मी के बीच एक सराहनीय और अनूठी पहल शुरू की गई है। इस पहल के तहत प्रमुख मार्गों पर सार्वजनिक प्याऊ स्थापित कर राहगीरों और ग्रामीणों को शीतल पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है। साथ ही इन प्याऊ केंद्रों के माध्यम से ग्रामीणों को जंगलों को आग से सुरक्षित रखने के लिए जागरूक भी किया जा रहा है।
प्यास बुझाने के साथ वन संरक्षण का संदेश
बस्तर संभाग में पड़ रही भीषण गर्मी और चिलचिलाती धूप को देखते हुए वन विकास निगम ने आमजन की सुविधा के लिए जगह-जगह प्याऊ केंद्र शुरू किए हैं। इन केंद्रों पर तैनात वन कर्मी राहगीरों को ठंडा पानी पिलाने के साथ-साथ जंगलों को दावानल से बचाने का संदेश भी दे रहे हैं।
गर्मी में बढ़ जाता है जंगलों में आग का खतरा
गर्मी के मौसम में सूखी पत्तियों और तेज हवाओं के कारण जंगलों में आग लगने की आशंका बढ़ जाती है। छोटी-सी लापरवाही भी बड़े नुकसान का कारण बन सकती है। जंगलों में लगने वाली आग से वन संपदा के साथ-साथ वन्यजीवों को भी भारी नुकसान पहुंचता है।
ग्रामीणों को दिलाया जा रहा वन सुरक्षा का संकल्प
प्याऊ केंद्रों पर आने वाले ग्रामीणों और राहगीरों को वन कर्मी जंगलों की सुरक्षा का संकल्प दिला रहे हैं। उन्हें बताया जा रहा है कि थोड़ी सी सावधानी से जंगलों को आग जैसी बड़ी आपदा से बचाया जा सकता है।
वन विकास निगम की आमजन से विशेष अपील
वन विकास निगम जगदलपुर ने नागरिकों से अपील की है कि वे वन सुरक्षा के लिए निम्न सावधानियां जरूर बरतें-
जलती बीड़ी-सिगरेट न फेंकें। जंगलों से गुजरते समय जलती हुई बीड़ी, सिगरेट या माचिस की तीली कहीं भी न फेंकें। सूखे पत्तों में यह तुरंत आग पकड़ सकती है।
वनोपज संग्रहण के दौरान आग न लगाएं
महुआ या अन्य लघु वनोपज संग्रहण के दौरान पेड़ों के नीचे सूखी पत्तियां साफ करने के लिए आग का उपयोग न करें। इससे आग फैलने का खतरा रहता है।
आग दिखे तो तुरंत सूचना दें
यदि कहीं जंगल में आग सुलगती दिखाई दे तो तत्काल नजदीकी वन विकास निगम कार्यालय या वन विभाग के कर्मचारियों को सूचना दें, ताकि समय रहते आग पर नियंत्रण पाया जा सके।
वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने की पहल की सराहना
वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने कहा कि जंगलों की सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण शासन की सर्वाेच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि वन विकास निगम की यह पहल जनसेवा और वन संरक्षण का उत्कृष्ट उदाहरण है। इससे आमजन को राहत मिलने के साथ-साथ वनों को सुरक्षित रखने के प्रति जागरूकता भी बढ़ेगी।
जनभागीदारी से ही सुरक्षित रहेंगे जंगल
वन विकास निगम ने कहा है कि जंगलों को दावानल से बचाने के लिए जनसहभागिता सबसे जरूरी है। शासन और जनता के संयुक्त प्रयासों से ही हरियाली और वन्य संपदा को सुरक्षित रखा जा सकता है।




