नए IPS कैडर आवंटन में छत्तीसगढ़ की अनदेखी, राज्य को नहीं मिला कोई अधिकारी
Chhattisgarh ignored in new IPS cadre allocation, state doesn't get any officer

रायपुर। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने वर्ष 2024 बैच के 147 नए आईपीएस अधिकारियों का कैडर बांटने के लिए वैकेंसी की लिस्ट अधिसूचित की है। इनमें से प्रदेश को एक भी अधिकारी नहीं मिला है। प्रदेश के गठन के बाद यह पहला अवसर है, जब यहां एक भी नया आईपीएस नहीं आया है। अब तक लगभग हर बैच में राज्य को दो से चार आईपीएस अधिकारी मिलते रहे हैं। माओवाद प्रभावित राज्य होने के कारण वर्ष 2003 के बाद से कई बार चार से छह अधिकारियों का आवंटन भी हुआ था।
142 पद में से 135 पर अधिकारी पदस्थ
पुलिस मुख्यालय के जानकारों के अनुसार, प्रदेश में माओवाद पर नियंत्रण के साथ आईपीएस पदों की लगभग पूर्ण उपलब्धता होने के कारण संभवत: आवंटन नहीं किया गया। बता दें कि वर्तमान में प्रदेश में आईपीएस के 142 स्वीकृत पद हैं, जिनमें से 135 पर अधिकारी पदस्थ हैं। सामान्यतः किसी भी प्रदेश में स्वीकृत पदों की तुलना में लगभग 10 प्रतिशत अधिकारी कम ही तैनात रहते हैं।
बंगाल को सर्वाधिक 15 आईपीएस आवंटित
केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार ने सिविल सेवा परीक्षा-2024 के जरिए चुने गए आइपीएस धिकारियों में में पश्चिम बंगाल को सर्वाधिक 15, आंध्र प्रदेश को 14, उत्तर प्रदेश को 12, असम-मेघालय और मध्य प्रदेश को 11-11 और महाराष्ट्र को 10 पद आवंटित किए गए हैं।
एक साल तक कोई आइपीएस नहीं होगा रिटायर
पुलिस मुख्यालय के अधिकारी के अनुसार अगले एक साल तक राज्य को आवंटित कोई भी आईपीएस रिटायर नहीं हो रहे हैं। पद खाली नहीं हैं। राज्य सरकार में नई रिक्तियां नहीं बनी हैं और सरकार ने केंद्र को कोई नए पद के लिए वैकेंसी नहीं भेजी है। इसलिए इस बार अधिकारियों के कैडर आवंटन में छत्तीसगढ़ का नाम शामिल नहीं हो पाया है।




