छत्तीसगढ़

थान खमरिया में वक्फ बोर्ड के आदेश की अवहेलना पर सख्त कार्रवाई, डीजे जब्त, एफआईआर दर्ज…

Strict action taken for disobeying the Waqf Board order in Thana Khamaria, DJ seized, FIR registered...

वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष के कड़े निर्देश और कार्यवाही से लोगों में मचा हड़कंप….

रायपुर/कवर्धा…. छत्तीसगढ़ राज्य वक्फ बोर्ड द्वारा उर्स के दौरान होने वाले गैर शरई कार्यों को रोकने के लिए जारी किए गए निर्देशों की अवहेलना करने पर कवर्धा जिले के थान खमरिया क्षेत्र में सख्त कार्रवाई की गई है। वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सलीम राज के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद प्रतिबंधित गतिविधियों के आयोजन की सूचना मिलते ही स्वयं मौके पर पहुंचकर उन्होंने प्रशासन को कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए।
दरअसल, वक्फ बोर्ड द्वारा पहले ही उर्स के आयोजनों को लेकर दिशा-निर्देश जारी किए गए थे, जिसमें डीजे, बैंड-बाजा, धुमाल और आतिशबाजी जैसे आयोजनों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया था। बोर्ड ने साफ किया था कि उर्स के सभी कार्यक्रम कुरआन और हदीस की शिक्षाओं तथा शरीयत के अनुसार ही आयोजित किए जाएंगे और किसी भी प्रकार की गैर-शरई गतिविधि को अनुमति नहीं दी जाएगी। इसके लिए आयोजन समितियों को पूर्व में ही निर्देशित किया गया था कि वे नियमों का सख्ती से पालन करें।
इसके बावजूद थान खमरिया क्षेत्र में उर्स के दौरान डीज, धुमाल और आतिशबाजी का उपयोग किए जाने की सूचना वक्फ बोर्ड तक पहुंची। मामले की गंभीरता को देखते हुए वक्फ बोर्ड अध्यक्ष डॉ. सलीम राज स्वयं मौके पर पहुंचे और तत्काल प्रशासनिक अधिकारियों को कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उनके निर्देश के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर डीजे और साउंड सिस्टम को जब्त कर लिया तथा उन्हें थाने में जमा कराया गया। साथ ही संबंधित आयोजन समितियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर दी गई।
वक्फ बोर्ड ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि भविष्य में भी यदि किसी ने बोर्ड के आदेशों की अवहेलना की, तो उसके खिलाफ इसी तरह सख्त कार्रवाई की जाएगी। बोर्ड का उद्देश्य धार्मिक आयोजनों को पूरी तरह इस्लामिक शिक्षाओं के अनुरूप और अनुशासित तरीके से संपन्न कराना है।
इस कार्रवाई को समाज के विभिन्न वर्गों का समर्थन भी मिला है। रायपुर के वरिष्ठ अधिवक्ता सैय्यद फैसल रिजवी ने कहा कि समाज को कुरीतियों से दूर कर सही दिशा में ले जाने की आज आवश्यकता है। उन्होंने वक्फ बोर्ड की इस पहल को सराहनीय बताते हुए कहा कि ऐसे कदम समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में मदद करेंगे।
वहीं, रायपुर शहर सीरतुन्नबी कमेटी के सदर, समाजसेवी सोहेल सेठी ने कहा कि लंबे समय से यह मांग उठ रही थी कि उर्स के दौरान होने वाली अव्यवस्था पर रोक लगाई जाए। वक्फ बोर्ड के इस कड़े रुख और कार्रवाई से समाज में एक नई उम्मीद जगी है कि अब गैरजरूरी और अनुचित गतिविधियों पर अंकुश लगेगा।
पूर्व वक्फ बोर्ड अध्यक्ष सलाम रिजवी ने भी इस कार्रवाई का समर्थन करते हुए कहा कि फिजूल खर्च और दिखावे की प्रवृत्ति पर रोक लगाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों में अनावश्यक खर्च से न केवल समाज पर आर्थिक बोझ पड़ता है, बल्कि इससे धार्मिक मूल्यों पर भी असर पड़ता है।
दरगाह लूतरा शरीफ बिलासपुर की इंतेजामिया कमेटी के अध्यक्ष इरशाद अली ने कहा कि जब तक समाज खुद अपनी कुरीतियों और फिजूलखर्ची पर रोक नहीं लगाएगा, तब तक वास्तविक सुधार संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि उर्स के दौरान डीजे, साउंड सिस्टम और आतिशबाजी पर लाखों रुपये खर्च करना गलत परंपरा है, जिसे समाप्त करना आवश्यक है। उन्होंने वक्फ बोर्ड से अपील की कि इस तरह की कार्रवाई लगातार जारी रखी जाए, ताकि समाज में एक सकारात्मक और अनुशासित वातावरण बन सके।
कुल मिलाकर, थान खमरिया में वक्फ बोर्ड की इस सख्त कार्रवाई से यह संदेश गया है कि धार्मिक आयोजनों में अनुशासन और मर्यादा का पालन अनिवार्य है। इस कदम से जहां नियमों की अवहेलना करने वालों में हड़कंप मचा है, वहीं समाज में सुधार की दिशा में एक मजबूत पहल के रूप में इसे देखा जा रहा है।

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