छत्तीसगढ़

डिजिटल क्रांति से संवरती बुजुर्गों की राह

The Digital Revolution Paves the Way for a Better Life for the Elderly

मसपुर में जब डीबीटी ने घोला पेंशनरों के जीवन में उत्साह

रायपुर । डिजिटल क्रांति बुजुर्गों के जीवन को आसान और आत्मनिर्भर बना रही है। ऑनलाइन पेंशन, डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र, और व्हाट्सएप आधारित सरकारी सेवाओं से उन्हें कतारों में लगने से मुक्ति मिली है। ग्रामीण अंचलों में सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे और बिना किसी बाधा के हकदारों तक पहुँचाना हमेशा से एक बड़ी चुनौती रही है। लेकिन जब तकनीक, संवेदनशीलता और ज़मीनी स्तर पर जागरूकता का मिलन होता है, तो सुदूर जंगलों और गाँवों में बदलाव की एक नई कहानी लिखी जाती है। कुछ ऐसी ही उम्मीद और बदलाव की बयार बही नारायणपुर जिले के ओरछा विकासखंड के ग्राम पंचायत गारपा के आश्रित ग्राम मसपुर में।

’तकनीक बनी सहारा- सीधे खाते में आई खुशियों की किश्त’

मसपुर में हाल ही में समाज कल्याण विभाग द्वारा आयोजित एक विशेष शिविर सिर्फ सरकारी या कागजी कार्रवाई का जरिया नहीं, बल्कि कई बुजुर्गों और आश्रितों के चेहरे पर मुस्कान लाने का माध्यम बना। यहाँ ग्रामीणों को आधार आधारित प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT)  की ताक़त से रूबरू कराया गया। अक्सर ग्रामीण क्षेत्रों में यह चिंता बनी रहती है कि पेंशन कब आएगी और कैसे मिलेगी? इस शिविर ने इसी अनिश्चितता को दूर किया। समाज कल्याण विभाग के उप संचालक ने खुद ग्रामीणों के बीच पहुँचकर बेहद सरल भाषा में समझाया कि कैसे उनका आधार कार्ड और बैंक खाता मिलकर उनकी पेंशन को सुरक्षित बनाता है।
शिविर में बताया गया कि बुजुर्गों को पेंशन के लिए हर साल बैंक जाने की जरूरत नहीं है, वे फेस ऑथेंटिकेशन तकनीक से घर बैठे डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र जमा कर सकते हैं। शिविर के दौरान 15 पेंशन हितग्राहियों को जब यह पता चला कि जनवरी 2026 से अप्रैल 2026 तक की उनकी रुकी हुई या प्रतीक्षित पेंशन राशि सीधे उनके खातों में जमा हो चुकी है, तो उनके चेहरों की संतुष्टि देखने लायक थी। बिचौलियों के चक्कर काटे बिना, सीधे बैंक खाते में आई इस राशि ने ग्रामीणों को व्यवस्था पर एक नया भरोसा दिया है।

’नए चेहरों को मिली नई उम्मीद’
यह शिविर केवल पुरानी समस्याओं को सुलझाने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसने भविष्य की राह भी आसान की। शिविर के दौरान 2 नए पात्र हितग्राहियों के पेंशन आवेदन भी प्राप्त किए गए। प्रशासन की इस त्वरित पहल से अब इन नए आवेदकों को भी दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और नियमानुसार जल्द ही उनके खातों में भी पेंशन की राशि पहुँचने लगेगी। प्रशासन की इस मुहिम को पूरी तरह सफल बनाने के लिए समाज कल्याण विभाग ने ग्रामीणों से एक बेहद महत्वपूर्ण अपील की है। विभाग ने आग्रह किया है कि सभी हितग्राही अपने आधार और बैंक खाते की जानकारियों को हमेशा अद्यतन (Update) रखें। यह छोटा सा कदम यह सुनिश्चित करेगा कि भविष्य में भी उनकी पेंशन राशि बिना किसी मानवीय हस्तक्षेप या बाधा के ठीक समय पर सीधे उनके हाथों (खातों) में पहुँचती रहे।

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