मोर गांव मोर पानी महाअभियान से बदली ग्राम खाला की तस्वीर
'Mor Gaon Mor Pani' mega-campaign transforms the face of Khala village.

पुनर्जीवित हुआ कछार नाला, 176 एकड़ क्षेत्र में बढ़ेगी सिंचाई क्षमता
मनरेगा के जल संरक्षण कार्यों से 84 किसानों को मिलेगा प्रत्यक्ष लाभ
रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन के महत्वाकांक्षी ‘मोर गांव मोर पानी महाअभियान’ के तहत सरगुजा जिले के अम्बिकापुर विकासखंड स्थित ग्राम खाला में जल संरक्षण और संवर्धन के लिए किए गए कार्य ग्रामीणों एवं किसानों के लिए नई उम्मीद बनकर उभरे हैं। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के माध्यम से वर्षों से उपेक्षित कछार नाला को पुनर्जीवित कर जल संरक्षण की स्थायी संरचनाएं विकसित की गई हैं, जिससे क्षेत्र की सिंचाई व्यवस्था मजबूत होगी और कृषि उत्पादन को नया आधार मिलेगा। ग्राम खाला की किसान श्रीमती लक्ष्मी रजक ने बताया कि कछार नाला लंबे समय से मिट्टी और मलबे से पट जाने के कारण बरसात का पानी बिना उपयोग के बह जाता था। मनरेगा के तहत नाला की सफाई और खुदाई के साथ बोल्डर चेक डैमों का निर्माण किया गया है, जिससे अब वर्षा जल का संचयन संभव होगा। इससे खेतों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी मिलेगा और किसानों को बेहतर फसल उत्पादन में सहायता मिलेगी।
ग्राम पंचायत खाला की सरपंच श्रीमती अनुराधा ने बताया कि नाला पूरी तरह निष्प्रभावी हो चुका था। योजना के तहत इसकी पुनः खुदाई कर विभिन्न स्थानों पर लूज बोल्डर चेक डैम और वाटर कोर्स का निर्माण कराया गया है। इन संरचनाओं के माध्यम से वर्षा जल को संरक्षित कर किसानों के लिए सिंचाई के स्थायी साधन विकसित किए जा रहे हैं। जिला पंचायत सीईओ श्री विनय कुमार अग्रवाल ने बताया कि क्षेत्रीय सर्वेक्षण में कछार नाला के सिल्ट और मलबे से भर जाने की स्थिति सामने आई थी। इसके बाद लगभग तीन किलोमीटर लंबे नाला क्षेत्र में मनरेगा अंतर्गत 15.60 लाख रुपये की लागत से जल संरक्षण कार्य स्वीकृत किए गए। परियोजना के तहत वाटर कोर्स निर्माण पर 9.45 लाख रुपये, सात लूज बोल्डर चेक डैम पर 3.38 लाख रुपये तथा एक गेवियन स्ट्रक्चर पर 2.77 लाख रुपये व्यय किए गए हैं।
इन कार्यों से लगभग 176 एकड़ क्षेत्र में सिंचाई क्षमता विकसित होगी तथा 84 किसान प्रत्यक्ष रूप से लाभान्वित होंगे। वर्षा जल संचयन और भू-जल पुनर्भरण से क्षेत्र में जल उपलब्धता बढ़ेगी, जिससे किसान सब्जी उत्पादन सहित दोहरी फसल लेने में सक्षम होंगे। ‘मोर गांव मोर पानी महाअभियान’ के तहत ग्राम खाला में किए गए ये कार्य जल संरक्षण, भू-जल संवर्धन और कृषि विकास की दिशा में एक प्रभावी पहल के रूप में सामने आए हैं। इससे ग्रामीणों को रोजगार, किसानों को सिंचाई सुविधा और पूरे क्षेत्र को दीर्घकालिक जल सुरक्षा का लाभ प्राप्त होगा।




