छत्तीसगढ़

70 प्रतिशत दिव्यांग बालती बाई को मिला सुरक्षित आश्रय, घरौंदा पुनर्वास केन्द्र में हुआ प्रवेश

Balti Bai, a person with 70% disability, has found safe shelter and has been admitted to the Gharaunda Rehabilitation Centre.

रायपुर। जशपुर विकासखंड के ग्राम कोमडो निवासी 24 वर्षीय दिव्यांग बालती बाई को जिला प्रशासन की तत्पर पहल से सुरक्षित आश्रय और बेहतर देखभाल की सुविधा उपलब्ध हो गई है। 70 प्रतिशत सेरेब्रल पाल्सी से पीड़ित बालती बाई के पुनर्वास के लिए उनके पिता श्री सुखराम उरांव द्वारा कलेक्टर श्री रोहित व्यास के समक्ष आवेदन प्रस्तुत किया गया था।
कलेक्टर श्री व्यास ने मामले की गंभीरता को देखते हुए इसे विशेष प्राथमिकता में लेते हुए त्वरित निराकरण के निर्देश दिए। बालती बाई की माता का पूर्व में निधन हो चुका है तथा उनकी बहन का विवाह हो चुका है। वर्तमान में वह अपने वृद्ध पिता के साथ रहती थीं। पिता के मजदूरी के लिए बाहर जाने पर उन्हें घर में अकेले और असुरक्षित परिस्थितियों में रहना पड़ता था। भोजन, पानी तथा दैनिक आवश्यकताओं के लिए भी उन्हें काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था।
समस्या के समाधान हेतु समाज कल्याण विभाग, जशपुर ने सक्रिय पहल करते हुए विभिन्न पुनर्वास केन्द्रों से संपर्क किया। अम्बिकापुर स्थित घरौंदा केन्द्र में सीट उपलब्ध नहीं होने पर विभाग ने जिला मनेन्द्रगढ़ से समन्वय स्थापित किया। इसके बाद रॉबर्ट कनान संस्था द्वारा संचालित घरौंदा पुनर्वास केन्द्र, मनेन्द्रगढ़ में बालती बाई का 18 जून 2026 को प्रवेश सुनिश्चित कराया गया।
पुनर्वास केन्द्र में बालती बाई को निःशुल्क आवास, भोजन, स्वास्थ्य देखभाल एवं अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। अपनी पुत्री को सुरक्षित वातावरण और आवश्यक सुविधाएं मिलने पर श्री सुखराम उरांव ने जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया है।
यह पहल दिव्यांगजनों के कल्याण, सम्मानजनक जीवन और सुरक्षित पुनर्वास के प्रति जिला प्रशासन की संवेदनशीलता तथा प्रतिबद्धता का एक उत्कृष्ट उदाहरण है।

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