सेवा की कहानी : सेवा के संकल्प के साथ राष्ट्रीय परिवार सहायता योजना मुश्किल वक्त में पूर्णिमा को दिया संबल, 20 हजार रुपए की मिली आर्थिक मदद
A Story of Service: Driven by a commitment to serve, the National Family Assistance Scheme provided a lifeline to Purnima during a difficult time, offering financial aid of ₹20,000.

रायपुर । प्रदेश भर में संचालित ‘सेवा संकल्प’ अभियान जरूरतमंदों और असहाय परिवारों के लिए एक वरदान साबित हो रहा है। योजना के माध्यम से शासकीय सुविधाओं को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पारदर्शी और त्वरित रूप से पहुँचाया जा रहा है। इसी अभियान के अंतर्गत दुर्ग जिले के जनपद पंचायत पाटन के ग्राम पंचायत मानिकचौरी की निवासी श्रीमती पूर्णिमा चंद्रवंशी को उनके कठिन समय में शासन की ओर से त्वरित सहायता प्राप्त हुई है।
श्रीमती पूर्णिमा चंद्रवंशी ने बताया कि पति के आकस्मिक निधन के बाद उनके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा था और आर्थिक स्थिति काफी दयनीय हो गई थी। संकट की इस घड़ी में जब उन्होंने ग्राम पंचायत को पति के निधन की सूचना दी, तो ग्राम पंचायत सचिव ने सेवा संकल्प की भावना से त्वरित कार्रवाई की। सचिव ने 2002-03 की बीपीएल सर्वे सूची का तत्काल अवलोकन किया, जिसमें परिवार का नाम गरीबी रेखा की सूची में दर्ज पाया गया। इसके बाद तुरंत प्रक्रिया पूरी करते हुए श्रीमती पूर्णिमा से राष्ट्रीय परिवार सहायता योजना का आवेदन फॉर्म भरवाया गया। प्रशासनिक तत्परता के चलते उनके सीधे बैंक खाते में 20 हजार रुपए की सहायता राशि ट्रांसफर कर दी गई। इस त्वरित वित्तीय संबल से परिवार को बेहद राहत मिली है। संकट के समय में मिली इस मदद पर बेहद खुशी जाहिर करते हुए श्रीमती पूर्णिमा चंद्रवंशी ने इस सेवा के लिए केन्द्र व राज्य सरकार का सहृदय आभार व्यक्त किया।




