छत्तीसगढ़

धान उपार्जन समितियों की पारदर्शी और सुचारू व्यवस्था से किसान संतुष्ट

Farmers satisfied with the transparent and smooth functioning of paddy procurement committees

टोकन, बारदाना और तुलाई–हर चरण में मिल रही सहज सुविधा

रायपुर । छत्तीसगढ़ शासन के निर्देशों के अनुरूप सरगुजा जिले में धान खरीदी व्यवस्था को किसानों के लिए सरल, सहज और पारदर्शी बनाया गया है। टोकन कटाने से लेकर समिति में धान बिक्री तक पूरी प्रक्रिया किसान हित में सुव्यवस्थित की गई है। पुहपुटरा धान उपार्जन समिति में धान बेचने पहुंचे कृषक श्री राजेश कुमार राजवाड़े ने खरीदी केंद्र की व्यवस्थाओं पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि उनका कुल रकबा 160 क्विंटल का है और उन्होंने 59 क्विंटल 80 किलो धान बेचने के लिए पहला टोकन कटाया है। कृषक राजवाड़े ने कहा कि टोकन कटाने की प्रक्रिया पूरी तरह सरल रही और किसी प्रकार की दिक्कत नहीं हुई। उपार्जन केंद्र पहुंचते ही समिति द्वारा तुरंत बारदाना और सूजा-सुतरी उपलब्ध करा दी गई, जिससे तुलाई प्रक्रिया बिना किसी देरी के संपन्न हो गई। उन्होंने बताया कि समिति में धान खरीदी की व्यवस्था पूरी तरह पारदर्शी, व्यवस्थित और किसान हितैषी है। कर्मचारी और अधिकारी लगातार सहयोग कर रहे हैं, ताकि किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो। राजवाड़े ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रति एकड़ 21 क्विंटल की खरीदी एवं 3100 रुपए प्रति क्विंटल के समर्थन मूल्य से किसानों को प्रत्यक्ष आर्थिक लाभ मिल रहा है। इससे किसानों में धान विक्रय के प्रति उत्साह बढ़ा है। उन्होंने खरीदी व्यवस्था पर संतोष जताते हुए मुख्यमंत्री के प्रति आभार प्रकट किया और कहा कि वर्तमान व्यवस्था पूरी तरह पारदर्शी तथा सरल है, जिससे किसानों का भरोसा और मनोबल बढ़ा है। जिले की सभी उपार्जन समितियों में सुव्यवस्थित व्यवस्थाओं के चलते धान खरीदी कार्य तेज़ी से आगे बढ़ रहा है और किसान बिना किसी परेशानी के अपना धान बेच पा रहे हैं।

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