छत्तीसगढ़

ऑनलाइन टोकन से धान खरीदी हुई सरल और पारदर्शी

Paddy purchase through online token is simple and transparent

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के सुशासन में किसानों को मिल रहा सीधा लाभ

टोकन तुहर हाथ’ ऐप से निरंजन साहू को मिली घर बैठे सुविधा, 36 क्विंटल धान विक्रय कर हुए लाभान्वित

रायपुर । मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के सुशासन में छत्तीसगढ़ राज्य में धान खरीदी व्यवस्था को लगातार अधिक सरल, पारदर्शी और किसान-हितैषी बनाया जा रहा है। किसानों की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए शासन द्वारा ‘टोकन तुहर हाथ’ ऐप के माध्यम से 24×7 ऑनलाइन टोकन की सुविधा उपलब्ध कराई गई है, जिससे किसान घर बैठे अपनी सुविधा अनुसार टोकन प्राप्त कर पा रहे हैं। इस डिजिटल पहल से धान खरीदी की प्रक्रिया समयबद्ध होने के साथ-साथ खरीदी केंद्रों पर भीड़ नियंत्रण में भी प्रभावी सिद्ध हो रही है। ऑनलाइन टोकन व्यवस्था के कारण किसानों को निर्धारित तिथि एवं समय पर धान विक्रय का अवसर मिल रहा है।

इसी सुव्यवस्थित और डिजिटल व्यवस्था का लाभ कबीरधाम जिले के ग्राम खैरबाना कला के किसान श्री निरंजन साहू को मिला। उन्होंने ‘टोकन तुहर हाथ’ ऐप के माध्यम से ऑनलाइन टोकन प्राप्त कर निर्धारित तिथि एवं समय पर उपार्जन केंद्र पहुँचकर 36 क्विंटल धान का सफलतापूर्वक विक्रय किया। टोकन प्राप्त करने से लेकर धान तौल और विक्रय तक की प्रक्रिया पूरी तरह व्यवस्थित रही, जिससे उन्हें किसी प्रकार की असुविधा का सामना नहीं करना पड़ा। श्री निरंजन साहू ने बताया कि पूर्व में धान बेचने के लिए लंबे समय तक प्रतीक्षा करनी पड़ती थी, जबकि अब ऑनलाइन टोकन व्यवस्था से समय की बचत हो रही है। खरीदी केंद्र में पहुँचते ही निर्धारित समय पर धान की तौल एवं खरीदी की प्रक्रिया पूर्ण हो जाती है। धान विक्रय के पश्चात भुगतान भी शीघ्रता से सीधे बैंक खाते में प्राप्त हो जाता है, जिससे किसानों को आर्थिक रूप से बड़ी राहत मिल रही है।

श्री निरंजन साहू ने शासन की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऑनलाइन टोकन प्रणाली से न केवल खरीदी केंद्रों पर भीड़ नियंत्रित हुई है, बल्कि किसानों को सम्मानजनक एवं सुव्यवस्थित वातावरण में अपनी उपज विक्रय करने का अवसर भी मिला है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ शासन द्वारा अपनाई गई डिजिटल एवं पारदर्शी नीतियाँ किसानों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही हैं और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में प्रभावी सिद्ध हो रही हैं।

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