शोक पत्र बांटकर लौट रहे युवकों पर हाथियों का हमला
Elephants attack youths returning after distributing condolence letters

जशपुरनगर। शोक पत्र बांटकर बाइक से घर लौट रहे दो ग्रामीणों के सामने अचानक हाथियों का दल आ जाने से अफरा-तफरी मच गई। जान बचाने के लिए एक ग्रामीण को पेड़ पर चढ़ना पड़ा और वह अंधेरे में करीब एक घंटे तक हाथियों के बीच लटका रहा। बाद में वन विभाग की टीम और स्थानीय ग्रामीणों की मदद से सुरक्षित रेस्क्यू किया गया। मामला तपकरा वन परिक्षेत्र के पतेबहाल क्षेत्र का है।
बबलू नाग (32) ने बताया कि शुक्रवार को वे अपने दोस्त राजकुमार नाग (22) के साथ गांव औरीजोर से पतेबहाल शोक पत्र बांटने पहुंचे थे। स्वजन और परिचितों को शोक पत्र बांटते-बांटते शाम हो गई। करीब साढ़े छह बजे दोनों पतेबहाल से वापस औरीजोर के लिए निकले। गांव से कुछ दूर महुआ जंगल पहुंचते ही सामने चार हाथियों का दल आकर खड़ा हो गया।
हाथियों को सामने देख दोनों युवक घबरा गए। हड़बड़ी में बाइक जमीन पर गिर गई। जान बचाने के लिए बाइक के पीछे बैठे राजकुमार गांव की ओर भाग निकले, जबकि बबलू झाड़ियों में छिपते हुए एक पेड़ पर चढ़ गया। बबलू करीब एक घंटे तक हाथियों के बीच पेड़ पर छिपा रहा। कुछ समय बाद हाथी जंगल की ओर चले गए, तब वह नीचे उतरा, लेकिन अंधेरा और दहशत के कारण रास्ता नहीं ढूंढ सका।
इधर किसी तरह पतेबहाल पहुंचे राजकुमार ने ग्रामीणों को घटना की जानकारी दी। इसके बाद वन विभाग को सूचना दी गई। बिट गार्ड नंद कुमार यादव टीम के साथ मौके पर पहुंचे। सायरन बजाकर हाथियों को जंगल की ओर खदेड़ा गया और फंसे बबलू की तलाश शुरू की गई। अंधेरा अधिक होने के कारण खोज में दिक्कत आई, लेकिन अंततः मुकेश्वर साय और वन विभाग की टीम ने मोबाइल के जरिए संपर्क कर बबलू को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
बबलू ने बताया कि अचानक हाथियों को देखकर बाइक अनियंत्रित होकर गिर गई। गिरने के बाद बाइक का इंजन और लाइट चालू रहे, जिससे हाथी तुरंत हमला नहीं कर पाए। दल में एक छोटा और तीन बड़े हाथी थे। इंजन की आवाज और हेडलाइट की रोशनी ने जान बचाने का मौका दिया। सुरक्षित लौटने के बाद बबलू ने लोगों से हाथी प्रभावित क्षेत्रों में अधिक सतर्कता बरतने की अपील की।
हाथी विशेषज्ञ प्रभात दुबे ने बताया कि हाथियों के विचरण क्षेत्र में शाम चार बजे के बाद आवाजाही से बचना चाहिए। इस समय हाथी जंगल से निकलकर सड़कों की ओर आ जाते हैं। जंगल के अंदरूनी रास्तों का उपयोग नहीं करना चाहिए।
तपकरा रेंज में 37 हाथियों का बड़ा दल बीते 22 दिनों से डेरा जमाए हुए है। यह दल टिकलीपारा के सतपुरिया और पतेबहाल के महुआ जंगल के आसपास घूम रहा है। वन विभाग ने अलर्ट जारी कर जंगल और हाथियों से दूरी बनाए रखने की अपील की है। तपकरा क्षेत्र छत्तीसगढ़, ओडिशा और झारखंड की अंतरराज्यीय सीमा पर स्थित होने के कारण सालभर हाथियों की आवाजाही बनी रहती है।




