छत्तीसगढ़

जनजातीय गरिमा उत्सव बना ग्रामीणों के लिए सुविधा का सशक्त मंच

Tribal Dignity Festival becomes a powerful platform for convenience for the villagers

दूरस्थ अंचलों में शिविरों के माध्यम से मिल रहा योजनाओं का लाभ

रायपुर । शासन की मंशानुरूप “सबसे दूर, सबसे पहले” की थीम पर प्रदेश के दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में जनजातीय गरिमा उत्सव एवं जनभागीदारी अभियान के तहत लगातार शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। इन शिविरों के माध्यम से ग्रामीणों को एक ही स्थान पर विभिन्न विभागों की योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ उपलब्ध कराया जा रहा है।

इसी क्रम में बलरामपुर जिला के विकासखंड कुसमी के नीलकंठपुर, रामचंद्रपुर के त्रिशुली तथा राजपुर के लाऊ में शिविर आयोजित किए गए, जहां बड़ी संख्या में ग्रामीणजन शामिल हुए। शिविरों में स्वास्थ्य परीक्षण, आयुष्मान कार्ड, राशन कार्ड, श्रम कार्ड, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, पेंशन एवं राजस्व संबंधी सेवाएं प्रदान की गईं।

नीलकंठपुर शिविर में 400 से अधिक ग्रामीण शामिल हुए, जहां स्वास्थ्य जांच, श्रम कार्ड वितरण, अन्नप्राशन एवं गोदभराई कार्यक्रम आयोजित किए गए। वहीं त्रिशुली शिविर में आधार कार्ड, जाति-निवास प्रमाण पत्र, पशु चिकित्सा सेवाएं एवं विभिन्न विभागीय योजनाओं का लाभ दिया गया।
राजपुर जनपद पंचायत के लाऊ में आयोजित शिविर में विशेष पिछड़ी जनजातीय पहाड़ी कोरवा परिवारों को शासन की योजनाओं से लाभान्वित किया गया। शिविरों में जनसुनवाई के माध्यम से ग्रामीणों की समस्याओं का निराकरण भी किया गया।
जनजातीय गरिमा उत्सव एवं जनभागीदारी अभियान दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले जनजातीय समुदायों तक शासन की योजनाओं को पहुंचाने का प्रभावी माध्यम बन रहा है।

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