जगरगुंडा में लौटी खुशहाली, सोलर लाइट से रोशन हुई गलियां : 22 साल बाद बैंक सेवा फिर शुरू
Prosperity returns to Jagargunda, streets illuminated by solar lights: Bank services resume after 22 years

रायपुर । कभी नक्सल हिंसा और भय के कारण मुख्यधारा से कट चुका जगरगुंडा अब विकास और सुशासन की नई पहचान बन रहा है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व और प्रभारी मंत्री श्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन द्वारा किए गए प्रयासों से क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार हुआ है और लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव दिखाई दे रहा है।
अंधेरे से उजाले की ओर
पिछले दो दशकों में जगरगुंडा क्षेत्र ने संपर्क व्यवस्था की कमी, सुरक्षा चुनौतियों और मूलभूत सुविधाओं के अभाव का कठिन समय देखा। वर्ष 2006 के बाद पुल-पुलियों के क्षतिग्रस्त होने और सुरक्षा कारणों से क्षेत्र लगभग अलग-थलग हो गया था। शाम होते ही आवाजाही पर प्रतिबंध जैसी स्थिति रहती थी। अब प्रशासन की पहल से हालात बदल रहे हैं और क्षेत्र सामान्य जीवन की ओर लौट रहा है। लोंगो को आवागमन के साधन सहित सभी मूलभूत सुविधाएं मिल रहा है।
सोलर स्ट्रीट लाइट से मिली रोशनी
जिला खनिज न्यास (डीएमएफ) मद से पूरे जगरगुंडा क्षेत्र में सोलर स्ट्रीट लाइट लगाई गई है। जहां पहले शाम होते ही अंधेरा और सन्नाटा छा जाता था, वहां अब सोलर स्ट्रीट लाइट से रोशनी और सुरक्षा का माहौल बना है। इससे ग्रामीणों की आवाजाही आसान हुई है और बाजार में गतिविधियों में भी बढ़ोतरी हुई है।
22 वर्षों बाद बैंकिंग सेवा शुरू
वर्ष 2003 में जगरगुंडा में बैंक लूट की घटना के बाद क्षेत्र में बैंकिंग सेवाएं बंद हो गई थीं। अब वर्ष 2025 में मुख्यमंत्री श्री साय की पहल से इंडियन ओवरसीज बैंक की शाखा शुरू होने से ग्रामीणों को बड़ी राहत मिली है। अब लोगों को बैंकिंग कार्यों के लिए दूर नहीं जाना पड़ता, जिससे आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिला है।
विकास कार्यों से बदल रही तस्वीर
कलेक्टर सुकमा ने बताया कि जगरगुंडा का विकास केवल भौतिक सुविधाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि यह क्षेत्र के लोगों में विश्वास और नई उम्मीद का प्रतीक है। तहसील भवन का निर्माण प्रारंभ हो चुका है। डीएमएफ मद से एक करोड़ तीस लाख रुपए की लागत से बस स्टैंड बनाया जाएगा। हाईटेक नर्सरी के लिए डेढ़ करोड़ रुपए स्वीकृत हुए हैं। वन विभाग रेंज कार्यालय का निर्माण जारी है तथा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) का कार्य मई 2026 तक पूर्ण होने की संभावना है।
प्रशासन और जनभागीदारी से संभव हुआ बदलाव
जिला प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और ग्राम पंचायत के समन्वय से शासन की योजनाएं अब जमीन पर दिखाई दे रही हैं। स्थानीय जनभागीदारी के कारण विकास कार्यों को गति मिली है और जगरगुंडा अब विकास और सुशासन के नए दौर में प्रवेश कर रहा है।




