पिछड़ा वर्ग आयोग में विभिन्न शिकायतों की सुनवाई : सुनवाई के उपरांत अधिकारियों को निर्णयों के क्रियान्वयन हेतु निर्देश जारी
Hearing of various complaints in the Backward Classes Commission: After the hearing, instructions were issued to the officials for implementation of the decisions.

रायपुर । छत्तीसगढ़ राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग में प्राप्त विभिन्न शिकायतों की सुनवाई आज आयोग के अध्यक्ष श्री नेहरू राम निषाद एवं उपाध्यक्ष श्रीमती चन्द्रकान्ति वर्मा के नेतृत्व में सम्पन्न हुई। सुनवाई में आयोग के सचिव श्री संकल्प साहू एवं अनुसंधान अधिकारी श्रीमती अनिता डेकाटे उपस्थित रहे।
सुनवाई के दौरान आयोग के समक्ष लंबित प्रकरणों की विस्तार से समीक्षा की गई तथा सभी संबंधित पक्षों को निष्पक्ष रूप से अपना पक्ष रखने का अवसर प्रदान किया गया। आयोग के अध्यक्ष श्री निषाद द्वारा शिकायत कर्ताओं की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए नियमों एवं अधिनियमों के अनुरूप न्यायसंगत निर्णय हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए।
आवेदक श्री चन्द्रकुमार सोनकर के समेकित वेतन वृद्धि रोके जाने संबंधी प्रकरण में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, छत्तीसगढ़ द्वारा वर्ष 2018-19 की वेतन वृद्धि प्रदान किए जाने का आश्वासन दिया गया। आवेदक श्री सुरेश कुमार यादव द्वारा प्रस्तुत सहायक प्राध्यापक भर्ती में आरक्षण उल्लंघन संबंधी शिकायत पर दोनों पक्षों का प्रतिपरीक्षण किया गया तथा शासन को विषयवार पद विज्ञापन जारी करने का सुझाव प्रेषित करने कहा। इसी प्रकार श्री नरेश कुमार धीवर के प्रकरण में 60 दिवस के भीतर 1.80 लाख रूपए के भुगतान हेतु समझौतानामा निष्पादित किया गया।
आवेदक श्री रामशंकर साहू एवं श्री शैलेश कुमार स्वर्णकार द्वारा प्रस्तुत शिकायत के संबंध में अनावेदक अधीक्षण अभियंता श्री एस.एस. भूपल द्वारा उपस्थित होकर पक्ष रखा गया। अनावेदक द्वारा यह बताया गया कि दोनों आवेदक शासन के आदेशानुसार किए गए स्थानांतरण से असंतुष्ट होकर उनके विरुद्ध निराधार एवं बेबुनियाद शिकायत प्रस्तुत कर रहे हैं। इसके अतिरिक्त आवेदक श्री नरेन्द्र कुमार यादव एवं अन्य द्वारा बैकुंठ सीमेंट कंपनी के विरुद्ध प्रस्तुत प्रकरण में दोनों पक्षकारों की उपस्थिति में सुनवाई की गई। अनावेदक पक्ष द्वारा आगामी तिथि में कंपनी के ठेकेदारों एवं प्रतिनिधियों को बुलाकर पूछताछ किए जाने की जानकारी आयोग को दी गई। सुनवाई के उपरांत संबंधित अधिकारियों को आयोग द्वारा लिए गए निर्णयों के शीघ्र एवं प्रभावी क्रियान्वयन हेतु आवश्यक निर्देश जारी किए गए।




