महिला निर्माण श्रमिकों के लिए खुले स्वरोजगार के द्वार
Doors of self-employment open for women construction workers

ई-रिक्शा क्रय हेतु दी जाने वाली अनुदान राशि एक लाख से बढ़कर हुई डेढ़ लाख
रायपुर । मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार ने महिला निर्माण श्रमिकों के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री द्वारा 17 सितम्बर 2025 को की गई घोषणा के परिपालन में श्रम विभाग के छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अंतर्गत पंजीकृत महिला निर्माण श्रमिकों को ई-रिक्शा क्रय हेतु दी जाने वाली अनुदान राशि ₹1,00,000 से बढ़ाकर ₹1,50,000 कर दी गई है।
राज्य सरकार के इस फैसले से हजारों महिला श्रमिकों को स्वरोजगार के नए अवसर मिलेंगे। अनुदान राशि में वृद्धि से वे आसानी से ई-रिक्शा क्रय कर सकेंगी, जिससे उनकी नियमित आय सुनिश्चित होगी और परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। सरकार का उद्देश्य महिला श्रमिकों को आत्मनिर्भर बनाना और उन्हें रोजगार के स्थायी साधन उपलब्ध कराना है। इस योजना के माध्यम से न केवल महिलाओं की आय में वृद्धि होगी, बल्कि समाज में उनकी भागीदारी और सशक्त भूमिका भी सुनिश्चित होगी।
विभागीय श्रम मंत्री श्री लखन लाल देवांगन, बी.ओ.सी. मण्डल के अध्यक्ष श्री रामप्रताप सिंह एवं विभागीय सचिव सह श्रमायुक्त श्री हिम शिखर गुप्ता जी के अनुसार, योजना का लाभ मंडल में पंजीकृत पात्र महिला निर्माण श्रमिकों को नियमानुसार विभागीय वेबवाईट shramevjayate.cg.gov.in के माध्यम से ऑनलाईन आवेदन करने पर अनुदान राशि प्रदान किया जाएगा। राज्य सरकार का यह कदम निर्माण महिला श्रमिकों को महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक प्रभावी पहल माना जा रहा है।




