अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर प्रदेशभर में जल संरक्षण का संकल्प
Pledge to conserve water across the state on International Women's Day

“मोर गांव – मोर पानी” अभियान के तहत जल संचय को जन-आंदोलन बनाने की पहल
महिलाओं की भागीदारी से सोक पिट, रिचार्ज पिट और रेन वॉटर हार्वेस्टिंग निर्माण को मिला बढ़ावा
रायपुर । अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर प्रदेशभर में जल संरक्षण को जन-आंदोलन बनाने के उद्देश्य से “मोर गांव – मोर पानी” अभियान के तहत विशेष जल संचय जनभागीदारी अभियान चलाया गया। इस अभियान में महिलाओं ने बढ़-चढ़कर भाग लेते हुए जल संरक्षण का संकल्प लिया और अपने गांवों में वर्षा जल संचयन के विभिन्न उपायों को अपनाने की पहल की।
अभियान के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में जनभागीदारी से सोक पिट निर्माण, रिचार्ज पिट और रेन वॉटर हार्वेस्टिंग जैसी जल संरक्षण संरचनाओं के निर्माण को प्रोत्साहित किया जा रहा है। इन उपायों के माध्यम से वर्षा जल का अधिक से अधिक संचयन कर भू-जल स्तर को बढ़ाने और भविष्य में जल संकट से बचने का प्रयास किया जा रहा है।
इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रमों में महिलाओं और ग्रामीणों ने जल संरक्षण की शपथ लेते हुए अपने घरों और गांवों में जल संचय के उपाय अपनाने का संकल्प लिया। अधिकारियों ने बताया कि जल संरक्षण केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है और इसे जनभागीदारी के माध्यम से ही सफल बनाया जा सकता है।
राज्य सरकार द्वारा संचालित “मोर गांव – मोर पानी” अभियान का उद्देश्य प्रत्येक गांव में जल संरक्षण की मजबूत व्यवस्था विकसित करना है। यदि हर घर और संस्थान में रिचार्ज पिट और सोखता गड्ढे बनाए जाएं, तो वर्षा जल का संरक्षण कर जल संकट की समस्या को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
महिला दिवस के अवसर पर महिलाओं को विशेष रूप से इस अभियान से जोड़ा गया। अधिकारियों ने बताया कि जल संकट का प्रभाव सबसे अधिक महिलाओं पर पड़ता है, इसलिए “जल शक्ति से ही नारी सशक्त होती है” के संदेश के साथ महिलाओं को जल संरक्षण के प्रयासों में अग्रणी भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया गया।
अभियान के तहत ग्राम पंचायतों, स्वयं सहायता समूहों, आंगनबाड़ी केंद्रों और शैक्षणिक संस्थानों के माध्यम से रैली, कार्यशालाएं, दीवार लेखन और जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन गतिविधियों के माध्यम से नागरिकों को वर्षा जल संचयन के महत्व के बारे में जागरूक किया जा रहा है और उन्हें जल संरक्षण के इस अभियान में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
राज्य सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि वे अपने घरों और आसपास वर्षा जल संचयन की व्यवस्था कर जल संरक्षण के इस अभियान को जन-आंदोलन बनाने में सहयोग करें, ताकि आने वाली पीढ़ियों के लिए जल संसाधनों को सुरक्षित रखा जा सके।




