CCTV लगाने पर दौड़ाए गए लोग, 200 ग्रामीणों का विरोध
People were chased away for installing CCTV cameras, 200 villagers protested.

बालोद: जिले के गुरूर थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम दियाबाती में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए लगाए जा रहे CCTV कैमरों का विरोध हिंसक रूप लेता नजर आया। आरोप है कि गांव के कुछ दबंगों ने कैमरा लगाने का काम रुकवाते हुए न केवल गाली-गलौज की, बल्कि जान से मारने की धमकी भी दी।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम विकास समिति की बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया था कि गांव के तीन मोहल्लों में CCTV कैमरे लगाए जाएंगे। इस योजना के तहत दो मोहल्लों में कैमरे सफलतापूर्वक स्थापित भी कर दिए गए थे।
16 मार्च 2026 को जब तीसरे मोहल्ले प्रेम नगर दियाबाती में कैमरा लगाने की प्रक्रिया शुरू हुई, तभी कुछ लोग विरोध करते हुए मौके पर पहुंच गए।
आरोप है कि विरोध करने वाले लोग डंडे लेकर पहुंचे और कैमरा लगाने आए लोगों को दौड़ा लिया। इस दौरान उन्होंने अश्लील गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी दी। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि काम कर रहे लोगों को अपनी जान बचाकर वहां से भागना पड़ा।
घटना की सूचना तत्काल थाना गुरूर पुलिस को दी गई। पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन विवाद की गंभीरता के बावजूद बिना कोई ठोस कार्रवाई किए लौट गई। बाद में थाना प्रभारी स्वयं पहुंचे, पर ग्रामीणों का आरोप है कि दबाव में आकर उन्होंने तय स्थान बदलकर दूसरी जगह कैमरा लगवाया।
घटना के बाद गांव में भय का माहौल बना हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि उसी दिन शाम को आरोपित गांव में घूम-घूमकर आवेदकों के घरों के सामने पहुंचे और धमकी दी कि अगर कैमरे नहीं हटाए गए तो गंभीर परिणाम होंगे। यहां तक कहा गया कि “रातों-रात उठा देंगे और किसी को पता भी नहीं चलेगा” और “पुलिस भी उनका कुछ नहीं बिगाड़ सकती।”
ग्रामीणों के अनुसार, आरोपितों का आपराधिक इतिहास रहा है और पहले भी गांव के एक व्यक्ति के साथ गंभीर घटना को अंजाम दिया गया था। उस मामले की रिपोर्ट थाने में दर्ज है और न्यायालय में लंबित है, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई।
घटना से नाराज 200 से अधिक ग्रामीण संजारी बालोद के पूर्व विधायक भैय्या राम सिन्हा के नेतृत्व में कलेक्ट्रेट पहुंचे। यहां उन्होंने कलेक्टर से मुलाकात कर पूरे मामले की जानकारी दी और आरोपितों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए ज्ञापन सौंपा।
ग्रामीणों ने कलेक्टर से मांग की है कि दोषी धनसाय साहू, खोमन साहू, आकाश साहू और मनहरण साहू के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए आपराधिक प्रकरण दर्ज किया जाए। उनका कहना है कि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो गांव में बड़ी घटना हो सकती है।




