छत्तीसगढ़

रायपुर के गैस उपभोक्ताओं की परेशानी बढ़ी, एजेंसी निलंबन के बाद बदलाव

Raipur gas consumers face increased problems, changes after agency suspension

रायपुर। फाफाडीह स्थित रायपुर गैस एजेंसी के निलंबन के बाद उपभोक्ताओं की परेशानी बढ़ गई है। सोमवार सुबह बड़ी संख्या में उपभोक्ता एजेंसी पहुंचे, जहां एक माह पहले से बुकिंग के बावजूद सिलिंडर नहीं मिलने पर आक्रोश भड़क गया।

एजेंसी के बाहर पहले ही स्टाक खत्म होने का बोर्ड लगा दिया गया था, इसके बावजूद लोग सुबह छह बजे से लाइन में लगे रहे। मौके पर कर्मचारियों द्वारा फिर से गैस नहीं होने की जानकारी देने पर उपभोक्ताओं ने हंगामा कर दिया और कार्यालय में तोड़फोड़ भी की।

 

उपभोक्ताओं का आरोप है कि पुराने बुकिंग वालों को गैस नहीं दी जा रही, जबकि नए ग्राहकों से 500-600 रुपये अतिरिक्त लेकर सिलिंडर दिया जा रहा है। बता दें कि 12 हजार उपभोक्ताओं में से 11 हजार को राजेंद्र एचपी और एक हजार को शांति एचपी में मर्ज किया गया है, लेकिन वितरण व्यवस्था पटरी पर नहीं आ पाई है।

रायपुर गैस एजेंसी के निलंबन के बाद उपभोक्ताओं को राजेंद्र एचपी और शांति एचपी में मर्ज किया गया है। प्रशासन का दावा है कि नई एजेंसियों के माध्यम से वितरण शुरू कर दिया गया है, लेकिन जमीनी स्तर पर हालात अब भी खराब हैं। उपभोक्ताओं को एजेंसी और गोदाम के बीच बार-बार भेजा जा रहा है।

कहीं स्टाक नहीं होने की बात कही जा रही है, तो कहीं वितरण में देरी हो रही है। इससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

कई उपभोक्ताओं ने आरोप लगाया है कि गैस एजेंसी में अवैध वसूली की जा रही है। नए ग्राहकों से 500 से 600 रुपये अतिरिक्त लेकर सिलिंडर दिया जा रहा है, जबकि पुराने बुकिंग वालों को लगातार टाल दिया जा रहा है। कुछ लोगों ने बताया कि एजेंसी और गोदाम दोनों जगह अलग-अलग कारण बताकर उन्हें भटकाया जा रहा है।

हेतराम जांगड़े ने बताया कि उन्होंने 14 मार्च को गैस के लिए नंबर लगाया था, लेकिन अब तक सिलिंडर नहीं मिला है। कई बार एजेंसी के चक्कर लगाने के बाद भी केवल इंतजार करने को कहा जा रहा है। उनका कहना है कि पहले नियमित रूप से गैस मिल जाती थी, लेकिन अब व्यवस्था पूरी तरह बिगड़ गई है और आम लोगों को परेशान होना पड़ रहा है।

अरविंद यादव ने बताया कि उनके मोबाइल पर ओटीपी भी आ गया था, जिससे उम्मीद थी कि गैस मिल जाएगी, लेकिन एजेंसी पहुंचने पर सिलिंडर नहीं मिला। कर्मचारियों ने स्टाक खत्म होने की बात कहकर वापस भेज दिया। यह स्थिति बेहद परेशान करने वाली है और कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिल रहा है।

बिमला पवार ने बताया कि वह सुबह छह बजे से लाइन में लगी हुई थीं, लेकिन घंटों इंतजार के बाद भी गैस नहीं मिली। उन्हें एजेंसी से गोदाम और गोदाम से एजेंसी भेजा जाता रहा। इस दौड़भाग में पूरा दिन निकल गया, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। उन्होंने व्यवस्था सुधारने की मांग की है।

 

एस. विंदेश्वरी ने कहा कि वह पिछले 20 दिनों से गैस के लिए एजेंसी के चक्कर लगा रही हैं। हर बार अलग-अलग कारण बताकर उन्हें लौटा दिया जाता है। उनका कहना है कि घर में गैस खत्म हो चुकी है और रोजमर्रा का काम प्रभावित हो रहा है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है।

जिन उपभोक्ताओं को दूसरी एजेंसियों में मर्ज किया गया है, उनके लिए रायपुर गैस एजेंसी के पास ही दोनों एजेंसियों द्वारा वितरण केंद्र खोला गया है। आज से वहां से गैस वितरण भी शुरू कर दिया गया है, जिससे जल्द ही व्यवस्था सामान्य हो जाएगी।

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