छत्तीसगढ़

पिता ने बनवाया फर्जी दस्तावेज, राजस्व उप निरीक्षक बेटे पर पड़ी गाज

Father forged documents, son found guilty of being a revenue sub-inspector

बिलासपुर। हाई कोर्ट ने रसूख और पद के दुरुपयोग के मामले में 13 साल से नौकरी कर रहे राजस्व उप निरीक्षक की नियुक्ति को रद कर दिया है। दरअसल, भाटापारा नगरपालिका परिषद में सीएमओ पिता ने अपने प्रभाव का उपयोग करते हुए बेटे के लिए फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र तैयार किया और उसे राजस्व उप निरीक्षक के पद पर नियुक्त कर दिया।

कोर्ट ने नए सिरे से नियुक्ति करने का आदेश दिया। नपा परिषद ने 16 नवंबर 2012 को राजस्व उप निरीक्षक (अनारक्षित) पद के लिए विज्ञापन जारी किया था। भाटापारा निवासी देवेंद्र कुमार साहू ने सभी आवश्यक दस्तावेजों के साथ समय पर आवेदन प्रस्तुत किया, लेकिन पात्र एवं अपात्र अभ्यर्थियों की सूची में उनका नाम नहीं था।

नगर पालिका ने 23 मार्च 2013 को सतीश सिंह चौहान की नियुक्ति का आदेश जारी किया। देवेंद्र साहू ने इस निर्णय को चुनौती देते हुए हाई कोर्ट में याचिका दायर की। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने पाया कि प्रमुख पक्षकार सतीश सिंह के पक्ष में उसके पिता द्वारा जारी अनुभव प्रमाण पत्र चयन प्रक्रिया को संदिग्ध बनाता है।

हाई कोर्ट ने कहा कि किसी अभ्यर्थी की उम्मीदवारी को इस प्रकार समाप्त करना चयन प्रक्रिया की निष्पक्षता और पारदर्शिता को प्रभावित करता है। कोर्ट ने नियुक्ति आदेश को निरस्त कर नए सिरे से निष्पक्ष एवं पारदर्शी चयन प्रक्रिया पूरी करने व याचिकाकर्ता देवेंद्र कुमार साहू की उम्मीदवारी पर विधिवत विचार कर नया नियुक्ति आदेश जारी करने का निर्देश दिया।

Related Articles

Back to top button