रायपुर: कुछ इलाकों में रील बनाने पर होगी कार्रवाई
Raipur: Action will be taken against reel making in some areas

रायपुर । शहर में सड़कों पर लगाए गए स्पीडोमीटर अब लोगों के लिए मनोरंजन का जरिया बनते जा रहे हैं। लोग इन स्पीडोमीटर के सामने दौड़कर अपनी स्पीड माप रहे हैं और रील बनाकर सोशल मीडिया पर पोस्ट कर रहे हैं। जबकि इनका असली उद्देश्य गाड़ियों की रफ्तार पर नजर रखना और सड़क हादसों पर अंकुश लगाना है। कई वीडियो सामने आने के बाद रायपुर पुलिस ने सोशल मीडिया के जरिए सख्त चेतावनी जारी की है।
पुलिस ने क्या कहा
रायपुर पुलिस ने लिखा- “रील धावकों, मेडल या हॉस्पिटल? मजाक हम नहीं, बल्कि आप अपने जीवन के साथ कर रहे हैं। बीच सड़क पर दौड़ना अपनी और दूसरों की जान को जोखिम में डालना है। रील लाइफ के चक्कर में रीयल लाइफ को खतरे में न डालें।”
सड़क हादसे रोकने के लिए लगाए गए स्पीड कैमरे
छत्तीसगढ़ में बढ़ते सड़क हादसों को देखते हुए परिवहन विभाग ने पहली बार लेडार आधारित स्पीड कैमरे लगाए हैं। तेज रफ्तार में वाहन चलाने पर अब सीधे ई-चालान घर पहुंचेगा।
पायलट प्रोजेक्ट के तहत करीब 1 करोड़ 90 लाख रुपए की लागत से 7 आधुनिक कैमरे लगाए गए हैं। इन्हें रायपुर, बिलासपुर, अंबिकापुर, जगदलपुर और धमतरी के प्रमुख मार्गों पर स्थापित किया गया है।
इन जगहों पर लगे कैमरे
रायपुर में मरीन ड्राइव, वीआईपी रोड और मंदिर हसौद इलाके में कैमरे लगाए गए हैं।
इसके अलावा बिलासपुर बायपास, अंबिकापुर और जगदलपुर के मुख्य मार्गों के साथ धमतरी के कुरूद क्षेत्र को भी इस परियोजना में शामिल किया गया है। इन स्थानों का चयन ट्रैफिक दबाव और हादसों के आंकड़ों के आधार पर किया गया है।
100 मीटर दूर से मापेंगे स्पीड
वाई-फाई से लैस ये कैमरे परिवहन विभाग के सॉफ्टवेयर से जुड़े हैं। ये 100 मीटर दूर चल रहे वाहनों की रफ्तार सटीक तरीके से माप सकते हैं। दो लेन सड़कों पर भी ये एक साथ कई वाहनों की निगरानी कर उनकी जानकारी रिकॉर्ड करते हैं।
कैमरों की खासियत
लेडार तकनीक से वाहन की गति और दूरी का सटीक आकलन
ओवरस्पीड होने पर नंबर प्लेट स्कैन कर फोटो-वीडियो रिकॉर्ड
ऑटोमैटिक ई-चालान जनरेट
व्हाट्सएप और ईमेल के जरिए चालान भेजने की सुविधा
नाइट विजन से रात में भी निगरानी
खराब मौसम में भी प्रभावी
अभी टेस्टिंग, जल्द होगी सख्ती
फिलहाल इन कैमरों की टेस्टिंग चल रही है। परिवहन विभाग और पुलिस के समन्वय से जल्द इन्हें पूरी तरह लागू किया जाएगा। पहले चरण में लोगों को जागरूक किया जाएगा, इसके बाद सख्ती से नियम लागू होंगे।




