छत्तीसगढ़

सिंघीतराई प्लांट हादसा: कैबिनेट मंत्री लखन देवांगन ने घायलों का जाना हालचाल, बेहतर उपचार के दिए निर्देश

Singhitarai plant accident: Cabinet Minister Lakhan Dewangan inquired about the well-being of the injured and gave instructions for better treatment.

मुख्यमंत्री के निर्देश पर घायलों को मिल रहा बेहतर इलाज 

मृतकों के परिजनों व घायलों को आर्थिक सहायता और रोजगार सहयोग की घोषणा

घटना के मजिस्ट्रियल जांच के आदेश

रायपुर ।  प्रदेश के वाणिज्य उद्योग, श्रम, आबकारी एवं सार्वजनिक उपक्रम विभाग के कैबिनेट मंत्री श्री लखन देवांगन ने आज गुरुवार को रायगढ़ के शासकीय एवं निजी अस्पतालों का दौरा कर सिंघीतराई वेदांता प्लांट हादसे में घायल श्रमिकों का हालचाल जाना तथा उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की। उन्होंने अस्पतालों में उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओं, आईसीयू व्यवस्था, विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती एवं मरीजों की देखभाल की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने कलेक्टर एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी तथा चिकित्सकों की टीम से उपचार संबंधी व्यवस्थाओं की विस्तृत जानकारी प्राप्त कर निर्देशित किया कि सभी घायलों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों से बातचीत कर उनकी स्थिति की जानकारी भी ली।

उल्लेखनीय है कि सक्ति जिले के ग्राम सिंघीतराई स्थित प्लांट में 14 अप्रैल को बॉयलर फटने से हादसा हुआ, जिसमें कई श्रमिक प्रभावित हुए। घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन तत्काल सक्रिय हो गया। कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक एवं प्रशासनिक टीम ने मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू अभियान प्रारंभ किया। घायलों को प्राथमिकता के साथ रायगढ़ के फोर्टिस हॉस्पिटल, मेट्रो, मेडिकल कॉलेज एवं अपेक्स अस्पताल में भर्ती कराया गया, वहीं गंभीर रूप से घायलों को बेहतर उपचार हेतु रायपुर के कालड़ा अस्पताल रेफर किया गया है।

 

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय घटना के बाद से लगातार सक्ति कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक के संपर्क में हैं और आवश्यक दिशा-निर्देश दे रहे हैं। स्वास्थ्य मंत्री श्री श्यामबिहारी जायसवाल भी स्थिति की सतत समीक्षा कर रहे हैं। मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार घायलों को सर्वाेत्तम उपचार उपलब्ध कराने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं।

हादसे में मृतकों की पहचान कर उनके परिजनों से संपर्क स्थापित किया जा रहा है। साथ ही प्रभावित श्रमिकों को पूर्ण स्वस्थ होने तक बिना उपस्थिति के वेतन देने पर सहमति बनी है। मुआवजा राशि को लेकर देर रात तक चर्चा के बाद सहमति स्थापित की गई है। घटना की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश जारी कर दिए गए हैं तथा जांच टीम शीघ्र ही घटनास्थल का निरीक्षण करेगी। रेस्क्यू कार्य में एसडीआरएफ की टीम भी सक्रिय रूप से जुटी हुई है।

पुलिस अधीक्षक श्री प्रफुल्ल ठाकुर के अनुसार इस हादसे में कुल 36 श्रमिक प्रभावित हुए हैं, जिनमें से 20 की मृत्यु हो चुकी है, जबकि 16 घायल हैं और उनका उपचार जारी है। मुख्यमंत्री द्वारा मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख रुपये तथा घायलों को 50-50 हजार रुपये की सहायता राशि की घोषणा की गई है। वहीं प्रधानमंत्री द्वारा मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये की अनुग्रह सहायता स्वीकृत की गई है।

इधर, कंपनी प्रबंधन ने प्रभावित परिवारों के साथ खड़े रहने का आश्वासन दिया है। कंपनी द्वारा मृतक श्रमिकों के परिजनों को 35-35 लाख रुपये की आर्थिक सहायता एवं रोजगार सहयोग तथा घायलों को 15-15 लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाएगी। साथ ही घायलों को पूर्ण स्वस्थ होने तक वेतन जारी रखा जाएगा और काउंसलिंग की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी। निरीक्षण के दौरान मंत्री के साथ नगर निगम महापौर श्री जीवर्धन चौहान, सभापति श्री डिग्री लाल साहू, श्री अरुण धर दीवान सहित जिला प्रशासन के अधिकारी उपस्थित रहे।

 

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