छत्तीसगढ़

अनुच्छेद 275 (1) अंतर्गत स्वीकृत कार्यों को पूर्ण गुणवत्ता एवं निर्धारित मापदंड अनुसार निर्धारित समयसीमा में करें पूर्ण : प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा

Complete the works approved under Article 275 (1) with full quality and within the stipulated time frame as per the prescribed standards: Principal Secretary Sonmani Bora

30 अप्रैल से पूर्व ऑनलाइन सीआर प्रक्रिया पूर्ण किए जाने के दिए निर्देश पीएम जनमन एवं धरती आबा योजना की भी की गई समीक्षा

रायपुर । आदिम जाति, अनुसचित जाति विकास, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा ने कहा है कि अनुच्छेद 275 (1) अंतर्गत स्वीकृत कार्यों को पूर्ण गुणवत्ता एवं निर्धारित मापदंड अनुसार समयसीमा में पूर्ण किया जाए उन्होंने मई के प्रथम सप्ताह तक निर्माण कार्यों को अनिवार्य रूप से पूर्ण किए जाने के निर्देश दिए। श्री बोरा आज मंखलय, महानदी भवन में वीडियो कांफ्रेंसिग के माध्यम से जिलों के सहायक आयुक्त, आदिवासी विकास एवं परियोजना प्रशासकों की बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सहायक आयुक्त एवं अन्य विभागीय अधिकारी नियमित रूप से निर्माण कार्यों एवं अन्य विभागीय गतिविधयों का निरीक्षण करें। कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही पर अनुशासनात्मक कार्यवाही की जानी चाहिए। उन्होंने कार्यों के सुचारू संचालन एवं आगामी लक्ष्यों हेतु दो सप्ताह के भीतर वार्षिक कार्य योजना प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।

प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा ने कहा कि भारत सरकार, जनजातीय कार्य मंत्रालय के दिशा-निर्देशानुसार छत्तीसगढ़ शासन, आदिम जाति विकास विभाग द्वारा राज्य के PVTG बसाहटों वाले सभी 18 जिलों में निवासरत PVTG परिवारों का सर्वे कार्य कराया जा रहा है तथा प्राप्त जानकारी को मोबाइल ऐप “सर्वे सेतु ऐप” में अपलोड किया जा रहा है। आनॅलाइन पोर्टल से प्राप्त जानकारी अनुसार सर्वे कार्य में छत्तीसगढ़ राज्य का देश में अग्रणी स्थान है। इसके लिए उन्होंने सहायक आयुक्त एवं परियोजना प्रशासकों को शुभकामनाएं दी। उल्लेखनीय है कि यह पूरी प्रकिया विभागीय मंत्री श्री रामविचार नेताम के निर्देशन एवं मार्गदर्शन में की जा रही है। प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा स्वयं पूरी प्रकिया की मॉनिटरिंग कर रहे हैं। इस सर्वेक्षण का उद्देश्य पात्र हितग्राहियों तक शासकीय योजनाओं का प्रभावी लाभ सुनिश्चित करना है। शासन की मंशा है कि PVTG समुदाय के प्रत्येक पात्र परिवार तक योजनाओं का लाभ पारदर्शिता एवं प्रभावशीलता के साथ पहुंचे तथा उनका शत प्रतिशत सैचुरेशन हो सके। उन्होंने कहा कि निश्चित ही भारत सरकार एवं राज्य शासन की यह पहल PVTG समुदाय के समग्र विकास और भविष्य की बेहतर नीतियों के निर्माण में मील का पत्थर साबित होगा।

बैठक में संचालक, आदिम जाति अनुसधान एवं प्रशिक्षण संस्थान श्रीमती हिना अनिमेष नेताम, संयुक्त सचिव श्री बी. के. राजपूत, श्री अनुपम त्रिवेदी, वित्तीय सलाहकार श्री नीरज मिश्रा, वित्त नियंत्रक श्री लाजरूस मिंज, अपर संचालक श्री संजय गौड़, श्री जितेन्द्र गुप्ता, श्री आर.एस.भोई, उपायुक्त श्री एल.आर. कुर्रे, श्री विश्वनाथ रेडडी, श्रीमती मेनका चंद्राकर, कार्यपालन अभियंता श्री त्रिदीप चकवर्ती सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

आधार बेस उपस्थिति प्रणाली एवं ई-ऑफिस व्यवस्था की हुई समीक्षा

बैठक में प्रमुख सचिव द्वारा आधार बेस उपस्थिति प्रणाली एवं ई-ऑफिस व्यवस्था की भी समीक्षा की गई। उन्होंने कहा कि प्रशासन में कसावट एवं पारदर्शिता लाने तथा लालफीताशाही को दूर करने हेतु राज्य शासन द्वारा आधार बेस उपस्थिति प्रणाली एवं ई-ऑफिस व्यवस्था को प्रदेश स्तर पर लागू किया गया है। अतः इसका सुचारू पालन मुख्यालय के साथ-साथ, टीआरआई, राज्य अंत्यावसायी सहकारी वित्त एवं विकास निगम, विभाग अंतर्गत सभी आयोग एवं बोर्ड तथा जिलों में पदस्थ सहायक आयुक्त कायालयों में सुनिश्चित करवाया जाए। बैठक में ई-ऑफिस की भी समीक्षा की गई। प्रमुख सचिव श्री बोरा ने कहा कि ई-ऑफिस व्यवस्था लागू होने से प्रशासन में पारदर्शिता एवं कसावट के साथ-साथ लालफताशाही को दूर करने में यह व्यवस्था बहुत ही उपयोगी सिद्ध हुई है। उन्होंने विभागीय योजनाओं के सुचारू रूप से संचालन हेतु विभागीय अधिकारियों की प्रशंसा की एवं आगे भी इसी प्रकार समन्वय के साथ कार्य किए जाने की आवश्यकता पर बल दिया।

बैठक में सभी पूर्ण एमपीसी को 30 अप्रैल तक जिला कलेक्टर के अनुमोदन से विधिवत रूप से पंचायतों को हस्तांतरित किए जाने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा iGOT कर्मयोगी अभियान अंतर्गत 30 अप्रैल तक अनवार्य रूप से 03 पाठयक्रम पूर्ण किए जाने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा बैठक में विभागीय भवन निर्माण कार्यों, प्रधानमंत्री जनमन योजना एवं धरती आबा योजना के अंतर्गत संचालित कार्यों की प्रगति तथा उनकी प्रशासकीय स्वीकृतियों की स्थिति की भी समीक्षा की गई। साथ ही छत्तीसगढ़ आदिवासी संग्रहालय, शहीद वीर नारायण सिंह संग्रहालय एवं नवनिर्मित 100 सीटर छात्रावास भवन की भी समीक्षा की गई एवं आवश्यक निर्देश दिए गए।

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