सचिन तेंदुलकर ने बस्तर में आदिवासी बच्चों संग मनाया जन्मदिन
Sachin Tendulkar celebrated his birthday with tribal children in Bastar.

जगदलपुर। क्रिकेट के भगवान सचिन तेंदुलकर ने इस बार अपना 53वां जन्मदिन कुछ खास अंदाज में मनाया। 24 अप्रैल को जन्मदिन होने के बावजूद उन्होंने दो दिन पहले 22 अप्रैल को ही नक्सल प्रभाव से उबर रहे बस्तर संभाग के दंतेवाड़ा जिले के सुदूर वनांचल छिंदनार गांव में बच्चों के बीच केक काटकर अपना जन्मदिन सेलिब्रेट किया। इस दौरान पूरा गांव उत्सव में बदल गया और “हैप्पी बर्थडे” के नारों से गूंज उठा।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सचिन के इस दौरे को “बदलते बस्तर की सशक्त पहचान” बताया। उन्होंने कहा कि छिंदनार जैसे सुदूर क्षेत्र में सचिन का पहुंचना इस बात का प्रतीक है कि बस्तर अब भय और असुरक्षा से निकलकर विकास, अवसर और आत्मविश्वास की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहा है।
मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि खेलों के माध्यम से जनजातीय अंचल में सकारात्मक बदलाव की नई लहर आ रही है। सचिन द्वारा बच्चों के बीच जाकर उन्हें प्रेरित करना, उनके साथ खेलना और आत्मविश्वास बढ़ाना इस बदलाव को और मजबूती देगा। उन्होंने विश्वास जताया कि ऐसे प्रयास बस्तर के युवाओं को अपने सपनों को साकार करने की दिशा देंगे।
दंतेवाड़ा के छिंदनार स्थित स्वामी आत्मानंद हिंदी मिडियम स्कूल में सचिन तेंदुलकर ने अपने फाउंडेशन और माणदेशी फाउंडेशन के सहयोग से बने मल्टी-स्पोर्ट्स ग्राउंड का उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने बच्चों के साथ वॉलीबॉल, कबड्डी, रस्साकशी और दौड़ जैसी गतिविधियों में हिस्सा लेकर उनका उत्साह बढ़ाया।
सचिन ने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि जीवन में सफलता के लिए अनुशासन, कड़ी मेहनत और समर्पण बेहद जरूरी हैं। उन्होंने युवाओं को शॉर्टकट से बचने और खेल के साथ पढ़ाई में संतुलन बनाए रखने की सीख दी।
कार्यक्रम में उनकी बेटी सारा तेंदुलकर और परिवार के अन्य सदस्य भी मौजूद रहे। बच्चों ने सचिन के जन्मदिन को लेकर पहले ही केक काटकर उन्हें शुभकामनाएं दीं, जिस पर उन्होंने आभार जताया।
यह दौरा केवल एक सेलिब्रेशन नहीं, बल्कि बस्तर में खेलों के जरिए बदलाव की मजबूत नींव रखने का संदेश भी बन गया है। मुख्यमंत्री ने इसे प्रदेश के लिए गौरव का विषय बताते हुए कहा कि खेल अधोसंरचना के विकास और युवाओं के सर्वांगीण उत्थान के लिए राज्य सरकार निरंतर प्रयासरत है।
अपने जीवन में पिता की भूमिका को याद किया
तेंदुलकर ने अपने जीवन में पिता की भूमिका का भी स्मरण किया। उन्होंने छात्रों से आग्रह किया कि खेल के साथ-साथ पढ़ाई में भी संतुलन बना कर चले। इसके अलावा तेंदुलकर ने कहा कि सचिन तेंदुलकर फाउंडेशन के प्रारंभ होने में उनकी पत्नी अंजली का सर्वाधिक योगदान है और अब उनकी पुत्री सारा, पुत्र अर्जुन तथा बहु सानिया भी उसी नक्शे कदम पर चलकर फाउंडेशन कार्य को आगे बढ़ा रही हैं।
अंत में उन्होंने कहा कि आज आपके बीच मुझे उपस्थित रहकर आपसे भी ज्यादा खुशी का अहसास हो रहा है इस दौरान बच्चों के द्वारा सचिन तेंदुलकर के आगामी जन्म दिवस को देखते हुए अग्रिम केक काटा गया। इसके लिए सचिन तेंदुलकर ने बच्चों को धन्यवाद दिया। ज्ञात हो कि इस दौरान पूरा कार्यक्रम स्थल ’’जन्म दिवस मुबारक हो’’ के नारों से गूंज उठा।




