छत्तीसगढ़ का नया कदम: हर गांव में तैयार होगा मैकेनिक, गांव में ही ठीक होंगे पंप
Chhattisgarh's new step: Mechanics will be available in every village, pumps will be repaired in the village itself.

रायपुर। छत्तीसगढ़ में जल जीवन मिशन के अंतर्गत स्थापित बोर, सोलर पंप और पेयजल व्यवस्था में आने वाली छोटी तकनीकी समस्याओं का समाधान अब स्थानीय स्तर पर किया जाएगा। इसके लिए प्रत्येक गांव में कम से कम एक व्यक्ति को प्रशिक्षण देने का निर्णय लिया गया है।
राष्ट्रीय जल जीवन मिशन के संचालक कमल किशोर सोन ने सभी जिलों के कलेक्टरों को इस संबंध में निर्देश दिए हैं।
सभी कलेक्टरों के साथ की चर्चा
सोमवार को सुकमा जिला मुख्यालय में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जल जीवन मिशन के कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए सोन ने सभी कलेक्टरों से पेयजल की व्यवस्था और गर्मी में उत्पन्न होने वाली संभावित समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की।
उन्होंने जल जीवन मिशन के अंतर्गत चल रहे कार्यों की वर्तमान स्थिति, प्रगति, समस्याओं और उनके समाधान के लिए बनाई गई कार्ययोजना की जानकारी ली।
आवासीय स्कूलों और छात्रावासों में मिलेगा शुद्ध पेयजल
सोन ने पेयजल की समस्या वाले क्षेत्रों को चिन्हांकित कर समयसीमा के भीतर समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने जल सेवा आकलन के माध्यम से उन परिवारों और क्षेत्रों को पहचानने का भी निर्देश दिया जो अब तक योजना के लाभ से वंचित हैं।
आवासीय विद्यालयों और छात्रावासों में अध्ययनरत बच्चों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता बताई गई।
जल संबंधी कार्यों की प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने का सुझाव
कलेक्टरों को निर्देश देते हुए सोन ने पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर ग्राम पंचायत विकास योजना के अंतर्गत जल संबंधी कार्यों की प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने का भी सुझाव दिया। इस दौरान जल जीवन मिशन के राज्य संचालक जितेन्द्र शुक्ला और बस्तर संभाग के आयुक्त डोमन सिंह भी उपस्थित थे।
सुकमा और दंतेवाड़ा में कार्यों का किया निरीक्षण सोन ने सुकमा और दंतेवाड़ा का दौरा कर जल जीवन मिशन के कार्यों का निरीक्षण किया और गांववालों से मिलकर पेयजल की गुणवत्ता की जानकारी ली।




